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घरों में शिफ्ट में सो सकते हैं, तो ऐसे ही नमाज क्यों नहीं पढ़ सकते मुस्लिम... बीजेपी सांसद का विवादित बयान

बीजेपी सांसद राजकुमार चाहर ने सड़कों पर नमाज़ का विरोध करते हुए एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम घरों में जगह कम होने पर शिफ्ट में सो सकते हैं, तो मस्जिदों में शिफ्ट में नमाज क्यों नहीं पढ़ी जा सकती.

घरों में शिफ्ट में सो सकते हैं, तो ऐसे ही नमाज क्यों नहीं पढ़ सकते मुस्लिम... बीजेपी सांसद का विवादित बयान
  • यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद से पहले सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी
  • भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने कहा है कि लोग घरों में शिफ्ट में सोते हैं तो नमाज भी वहां पढ़ सकते हैं
  • सांसद ने सड़क पर कुर्बानी और नमाज को गलत बताया और धार्मिक परंपराओं के सम्मान की बात कही है
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद से पहले सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी. इसे लेकर सियासी बयानबाजी जारी है. इस बीच फतेहपुर सीकरी से बीजेपी सांसद राजकुमार चाहर का विवादित बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि लोग घरों में शिफ्ट में सो सकते हैं वो शिफ्ट में नमाज क्यों नही पढ़ सकते.

'सड़क पर कुर्बानी और नमाज ठीक नहीं'

यूपी के फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने बकरीद और सड़क पर नमाज को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि धार्मिक परंपराओं का पालन सभी को करना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर नमाज और कुर्बानी उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर ये लोग शिफ्ट में घरों में सो सकते हैं संख्या ज्यादा है तो शिफ्ट में नमाज अदा कर सकते हैं. 

'सड़क पर थोड़े ही नमाज करोगे'

सांसद ने कहा, 'मैं तो यही कह सकता हूं कि मुस्लिम वर्ग द्वारा बकरीद जो बलि देने कि उनकी परंपरा है. वैसे हमारे सनातन धर्म में जो परंपराएं थी समय-समय पर जिनमें कुछ सुधार करने की जरूरत थी उनमें सुधार किया गया है. वैसे तो बकरे की बलि देने की आवश्यकता नहीं है लेकिन उनके धर्म में ठीक है. आप मना रहे हैं लेकिन सड़क पर थोड़े ही काटोगे. सड़क पर थोड़े ही नमाज करोगे. आप जाइए शिफ्टों में नमाज करिए संख्या आपकी ज्यादा है तो.' 

उन्होंने आगे कहा, 'मैं तो चांदनी चौक में उनके परिवारों में गया हूं, मैंने वहां देखा है यह लोग शिफ्ट में सोते हैं. आपने जनसंख्या इतनी क्यों बढ़ा रखी है. मैंने तो कई घरों को देखा है घरों में शिफ्टों में सोने का काम करते हैं. तीन-तीन घंटे चार-चार घंटे शिफ्ट में सोते हैं. एक घर की कैपेसिटी पांच आदमी की है और 30-40 लोग रहते हैं. ऐसे ही शिफ्ट में नमाज अदा करिए किसने मना किया है.'

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