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Elon Musk को कोर्ट से बड़ा झटका! OpenAI केस हारे, सैम ऑल्टमैन की हुई बड़ी जीत, जानिए पूरा मामला

Elon Musk vs Sam Altman: मस्क का आरोप था कि उन्होंने OpenAI को करीब 38 मिलियन डॉलर की फंडिंग दी थी, लेकिन बाद में कंपनी ने Microsoft और दूसरे निवेशकों के अरबों डॉलर के निवेश के साथ अपना फोकस बदल लिया.

Elon Musk को कोर्ट से बड़ा झटका! OpenAI केस हारे, सैम ऑल्टमैन की हुई बड़ी जीत, जानिए  पूरा मामला
Elon Musk loses lawsuit against OpenAI: एलन मस्क के वकील ने कहा कि अरबपति कारोबारी के पास अब भी अपील करने का अधिकार सुरक्षित है.

Elon Musk vs OpenAI: टेक इंडस्ट्री के दो सबसे बड़े दिग्गजों एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच लंबे समय से चल रहा 'हाई-प्रोफाइल' कानूनी केस अब खत्म हो गया है. अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने एलन मस्क को बड़ा झटका देते हुए  सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) की कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप OpenAI के पक्ष में फैसला सुनाया है. अमेरिकी कोर्ट ने  OpenAI के खिलाफ दायर किए गए उनके हाई-प्रोफाइल मुकदमे को खारिज कर दिया है.

अदालत की ज्यूरी (Jury) ने सर्वसम्मति से सैम ऑल्टमैन की कंपनी को निर्दोष माना और एलन मस्क के उन सभी दावों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कंपनी पर अपने मूल रास्ते से भटकने का आरोप लगाया था. कोर्ट ने मस्क के केस को खारिज करते हुए कहा कि मस्क ने यह मुकदमा दायर करने में बहुत देर कर दी.

क्या था एलन मस्क का आरोप?

एलन मस्क ने साल 2024 में OpenAI, CEO सैम ऑल्टमैन और प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. मस्क का आरोप था कि OpenAI ने शुरुआत में मानवता के फायदे के लिए काम करने का वादा किया था, लेकिन बाद में कंपनी मुनाफा कमाने वाली संस्था बन गई.

मस्क ने दावा किया था कि साल 2015 में जब इस स्टार्टअप की शुरुआत हुई थी, तब उन्हें गुमराह करके ₹315 करोड़ ($38 मिलियन) का डोनेशन लिया गया था. मस्क ने दलील दी थी कि OpenAI को एक गैर-लाभकारी (Non-Profit) संस्था के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन बाद में सैम ऑल्टमैन ने माइक्रोसॉफ्ट से अरबों डॉलर का निवेश लेकर इसे एक मुनाफा कमाने वाली कंपनी में बदल दिया. मस्क ने OpenAI के कदम को कोर्ट में एक चैरिटी की चोरी करार दिया था.

OpenAI ने Musk पर क्या कहा?

ओपनएआई के वकीलों ने कोर्ट में साबित कर दिया कि एलन मस्क को कंपनी के कमर्शियल यानी मुनाफा कमाने वाले स्ट्रक्चर की जानकारी साल 2021 में ही थी, लेकिन उन्होंने केस 2024 में किया.

केस कीसुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की मंशा और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. ट्रायल के दौरान OpenAI ने पलटवार करते हुए कहा कि कंपनी नहीं बल्कि Elon Musk खुद व्यावसायिक हितों से प्रेरित थे. मुकदमे की आखिरी बहस के दौरान OpenAI के वकील विलियम सैविट ने मस्क पर तंज कसते हुए कहा, " मस्क के पास कई क्षेत्रों में सफल हो सकते हैं, लेकिन एआई (AI) के मामले में ऐसा नहीं है."

आगे क्या करेंगे एलन मस्क?

हार के बाद भी एलन मस्क के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कोर्ट ने मामले की मेरिट यानी सच्चाई पर नहीं, बल्कि सिर्फ 'कैलेंडर की तकनीकी गलती यानी तारीख निकलने पर फैसला सुनाया है. मस्क ने दोहराया, "ऑल्टमैन और ब्रॉकमैन ने वास्तव में एक चैरिटी को लूटकर खुद को अमीर बनाया है." मस्क के वकीलों का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ आगे अपील करेंगे. फैसले के बाद अरबपति कारोबारी के पास अब भी अपील करने का अधिकार सुरक्षित है. 

OpenAI के लिए क्यों बड़ी है यह जीत?

यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब OpenAI बाजार में अपना IPO (Initial Public Offering) लाने की तैयारी कर रही है. इस कानूनी क्लीनचिट के बाद कंपनी का रास्ता साफ हो गया है और उसकी मार्केट वैल्यू $1 ट्रिलियन (करीब 84 लाख करोड़ रुपये) के करीब आंकी जा रही है. इस स्टार्टअप में अकेले टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने $100 बिलियन से ज्यादा का निवेश किया हुआ है. इस जीत से कंपनी अब एंथ्रोपिक और मस्क की अपनी कंपनी xAI को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है.xAI अब SpaceX का हिस्सा बन चुकी है.

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