अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह अगले 24 घंटे में तय करेंगे कि ईरान के साथ समझौता करना है या फिर सैन्य कार्रवाई को फिर से तेज करना है. ट्रंप ने Axios न्यूज से कहा, 'मामला 50-50 पर है. या तो हम अच्छा समझौता करेंगे, या उन्हें पहले से ज्यादा जोर से मारेंगे.' इससे साफ है कि हालात बेहद संवेदनशील और अनिश्चित बने हुए हैं.
आज होगी हाई-लेवल मीटिंग, खाड़ी देशों से भी बात
सूत्रों के मुताबिक ट्रंप आज अपने शीर्ष सलाहकारों स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बैठक करेंगे, जिसमें ईरान के नए प्रस्ताव पर चर्चा होगी. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति खाड़ी देशों के नेताओं के साथ भी कॉन्फ्रेंस कॉल करेंगे. इस बातचीत में मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के नेता शामिल हो सकते हैं.
मध्यस्थता की कोशिश में जुटा पाकिस्तान
बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तेहरान में ईरानी नेताओं से मुलाकात के बाद लौटे हैं. पाकिस्तान का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच अंतिम समझ की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है, हालांकि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है.

US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
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डील ड्राफ्ट तैयार, ट्रंप करेंगे समीक्षा
बताया जा रहा है कि ईरान और पाकिस्तान के बीच हुई बातचीत से एक नया ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसे ट्रंप अब देखेंगे. इसी ड्राफ्ट के आधार पर अमेरिका तय करेगा कि आगे का रास्ता शांति का होगा या टकराव का.
ईरान बोला- 'अंतिम चरण में बातचीत'
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी संकेत दिया है कि दोनों देश युद्ध खत्म करने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के अंतिम चरण में हैं. इस प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को धीरे-धीरे खोलना, अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत, जमे हुए ईरानी फंड्स की रिहाई जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं. हालांकि विस्तृत समझौते पर 30-60 दिनों तक और बातचीत हो सकती है.
न्यूक्लियर और तेल मार्ग सबसे बड़े मुद्दे
ट्रंप ने साफ कहा है कि वह तभी डील करेंगे जब यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) और ईरान के न्यूक्लियर स्टॉकपाइल जैसे मुद्दों पर ठोस समाधान हो. वहीं, अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहे और उस पर कोई टोल या रोक न हो. लेकिन अभी तक इन दोनों बड़े मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच गहरा मतभेद बना हुआ है.
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इजरायल की चिंता, नेतन्याहू दबाव में
इस पूरे घटनाक्रम पर इजरायल भी नजर बनाए हुए है. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस डील को लेकर चिंतित हैं और अमेरिका से सख्त सैन्य कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. हालांकि ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू दुविधा में हैं. उनके यहां कुछ लोग शांति चाहते हैं, तो कुछ युद्ध.
आगे क्या?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और जल्द ही कोई बड़ा अपडेट सामने आ सकता है. अब सबकी नजर ट्रंप के फैसले पर है. क्या अमेरिका ईरान से समझौते की राह चुनेगा, या फिर पश्चिम एशिया में फिर जंग की आहट सुनाई देगी?
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