- उत्तराखंड के चमोली में हुए टनल हादसे में 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
- मजदूरों ने बताया कि टनल में अचानक से पानी भर गया था. जिससे जान बचाने के लिए मशीनों पर चढ़ना पड़ा था.
- NDRF-SDRF के जवानों ने रेस्क्यू शुरू किया था. जिसमें मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया .
उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को बड़ी घटना हुई, यहां के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई. घटना के बाद अब तक 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. जिन मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया. उन्होंने इस घटना की पूरी आपबीती सुनाई है, मजदूरों का कहना है कि पहले हवा चली, फिर पानी आया, उसके बाद हर तरफ पानी ही पानी हो गया, बचने का कोई रास्ता नहीं था. ऐसे में मजदूर बाहर नहीं निकल पाए. घटना के बाद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसके बाद मजदूरों को सुरक्षित निकालकर उन्हें गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी मजदूर छत्तीसगढ़ और झारखंड के बताए जा रहे हैं.
टनल में अचानक से आया पानी
मजदूर निस्तर भांगरा ने बताया 'पानी अचानक तेजी से अंदर आया, जिससे हम बाहर फेंक दिए गए. फिर पानी का बहाव धीमा हो गया. तब हम धीरे-धीरे बाहर निकल पाए. हम अंदर 15-20 लोग थे. टनल के बाहर इंजीनियर थे. जिन्होंने सबसे पहले जानकारी दी और उन्होंने ही मजदूरों को निकालने की कोशिश शुरू की थी. एक दूसरे घायल मजदूर विनोद ने बताया कि वह नज़ारा बहुत डरावना था. पहले हवा चली, फिर पानी आया. उसके बाद, हर तरफ पानी भर गया. बचने का कोई रास्ता नहीं था। हम अंदर करीब 15 से 20 लोग थे. मेरे पैर में फ्रैक्चर हो गया है.'
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand | An injured worker says, "The water rushed in suddenly. We were thrown out. Then the flow of the water slowed down. Then we were able to escape slowly. It was 15-20 of us inside." pic.twitter.com/SnIKppNZzS
— ANI (@ANI) August 14, 2026
मलबे की वजह से रास्ता बंद हो गया था
एक और घायल मजदूर संदीप कुमार ने बताया कि 'मलबे की वजह से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो चुका था. टनल में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा था. मैंने और मेरे कुछ साथियों ने टनल के अंदर मौजूद लोहे के ऊंचे ढांचों और मशीनों के ऊपर चढ़कर अपनी जान बचाई. करीब 15-20 मिनट तक हमें केवल अपनी मौत सामने नजर आ रही थी. हम बस भगवान को याद कर रहे थे. एक और मजदूर ने प्रेम सिंह ने बताया कि पानी इतनी तेज रफ्तार से आया था, हम लोग कुछ नहीं कर पाए.' घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है. घटना में कुछ मजदूर बुरी तरह से जख्मी हुए हैं.
ये भी पढ़ेंः उत्तराखंड के चमोली में टनल के अंदर घुसा पानी, 6 की मौत, 2 अब भी फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
SDRF के जवानों ने शुरू किया रेस्क्यू
घायल मजदूरों ने बताया कि पानी से बचने के लिए कई लोग टनल में मशीनों पर चढ़ गए थे. सबसे पहले SDRF के जवान पहुंचे थे. हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं. टनल के अंदर पानी और गाद का बहाव इतना तेज था कि सामान्य रूप से अंदर घुसना नामुमकिन था. ऐसे में SDRF के जवानों ने सूझबूझ दिखाई और नीले रंग के प्लास्टिक ड्रमों को आपस में बांधकर एक अस्थायी राफ्ट तैयार की. इस अनोखे जुगाड़ की मदद से जवान अंधेरे और उफनते पानी के बीच टनल के गहरे हिस्सों तक पहुंचे. जवानों ने मशीनों और छतों के सहारे लटके मजदूरों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला.
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand | An injured worker from Jharkhand says, "The tunnel area was very dangerous. It was the way the wind rushed in from one side and then the other, everything just collapsed..." pic.twitter.com/MJs6OfbKNp
— ANI (@ANI) August 14, 2026
कैसे चमोली में हुआ यह हादसा
चमोली का यह टनल हादसा गुरुवार की शाम को हुआ था. उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, शाम करीब साढ़े 6 से 7 बचे के बीच में टनल के ठीक ऊपर स्थित पहाड़ी का एक बहुत बड़ा हिस्सा ढह गया. इस भीषण लैंडस्लाइड के कारण भारी मात्रा में बोल्डर, गाद और उफनता हुआ पानी सीधे टनल के मुहाने के अंदर घुस गया. कुछ ही सेकंड में पानी और दलदली मलबे ने टनल के मुख्य निकास द्वार को बंद कर दिया, जिससे अंदर काम कर रहे 22 मजदूर वहीं फंस गए.
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand | An injured worker says, "The water rushed in just like a storm. We couldn't do anything about it." pic.twitter.com/5RdKM7wfAC
— ANI (@ANI) August 14, 2026
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू ऑपेरशन शुरू किया गया था. जहां मजदूरों रात तक बाहर निकाला जाता रहा. घायल मरीजों का गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है. इस घटना में 7 मजदूरों की मौत चुकी है. सभी मजदूर छत्तीसगढ़ और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
ये भी पढ़ेंः पीपलकोटी टनल हादसा: अचानक पानी के साथ मलबा आया, भागने का मौका नहीं मिला, 7 मजदूरों की मौत; 25 को बचाया गया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं