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सिर पर विधानसभा चुनाव, पर अब भी 34 फीसदी फंड खर्च नहीं कर पाए उत्तराखंड के माननीय

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले RTI से सामने आया है कि 70 विधायकों को मिली कुल निधि का केवल 66% ही खर्च हुआ है, जबकि 34% राशि अब भी बाकी है.

सिर पर विधानसभा चुनाव, पर अब भी 34 फीसदी फंड खर्च नहीं कर पाए उत्तराखंड के माननीय
उत्तराखंड में 70 विधायकों को की जांच में पाया, उन्होंने कुल निधि का केवल 66% ही खर्च किया है

विधायकों को हर साल विधायक निधि इसलिए दी जाती है ताकि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क, स्कूल भवन और सामुदायिक केंद्र जैसी जरूरी सुविधाओं का विकास करा सकें. उत्तराखंड में प्रत्येक विधायक को हर साल 5 करोड़ रुपये की विधायक निधि मिलती है. लेकिन राज्य में बड़ी संख्या में विधायक अब तक इस राशि का पूरा उपयोग नहीं कर पाए हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव में अब केवल कुछ महीने बचे हैं. ऐसे समय में विधायक निधि के खर्च से जुड़े आंकड़ों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

34 प्रतिशत निधि अब भी खर्च होने का इंतजार

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 से जून 2026 तक उत्तराखंड के 70 विधायकों को कुल 1,66,400 लाख रुपये की विधायक निधि उपलब्ध कराई गई. इसके मुकाबले केवल 1,09,129.19 लाख रुपये ही खर्च हो सके हैं.

यानी कुल निधि का सिर्फ 66 प्रतिशत हिस्सा विकास कार्यों में लगाया गया जबकि 34 प्रतिशत राशि अब भी खर्च नहीं हुई है. विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में कुछ महीने शेष हैं, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि विकास कार्यों की रफ्तार धीमी क्यों रही.

मंत्रियों में कौन आगे और कौन पीछे?

सरकार के मंत्रियों के बीच विधायक निधि खर्च के मामले में रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा 77 प्रतिशत खर्च के साथ सबसे आगे हैं. दूसरे स्थान पर सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा 72 प्रतिशत के साथ हैं. चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज 68 प्रतिशत खर्च के साथ तीसरे स्थान पर हैं.

इसके बाद राजपुर रोड से खजान दास 66.11 प्रतिशत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 65.61 प्रतिशत खर्च के साथ क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर हैं. मसूरी से गणेश जोशी, भीमताल से राम सिंह कैड़ा, सोमेश्वर से रेखा आर्य और नरेंद्र नगर से सुबोध उनियाल भी सूची में शामिल हैं.

सबसे ज्यादा खर्च करने वाले विधायक

विधायक निधि खर्च करने वालों में प्रदीप बत्रा और फुरकान अहमद 77 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर हैं. रवि बहादुर, सरवत करीम और मदन सिंह बिष्ट 76 प्रतिशत खर्च के साथ दूसरे स्थान पर हैं. चंदन राम दास और महेश सिंह जीना 75 प्रतिशत खर्च के साथ आगे हैं.

सबसे कम खर्च करने वाले विधायक

सबसे कम निधि खर्च करने वालों में किशोर उपाध्याय सबसे नीचे हैं, जिन्होंने केवल 30 प्रतिशत निधि खर्च की है. उनके बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत 37 प्रतिशत और रेणु बिष्ट 44 प्रतिशत खर्च के साथ हैं. प्रीतम सिंह, सुरेश गड़िया, खुशाल सिंह, प्रेमचंद अग्रवाल और यशपाल आर्य भी कम खर्च करने वाले विधायकों में शामिल हैं.

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