- कानपुर के लैम्बॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया
- घटना के वक्त शिवम लैम्बॉर्गिनी कार में ही मौजूद था, उसके बाउंसर उसे लेकर भागे थे
- इस हादसे में चार लोग घायल हुए थे, पुलिस ने शिवम का नाम बाद में FIR में जोड़ा था
यूपी के कानपुर में करोड़ों की लैम्बॉर्गिनी गाड़ी से बाइक और ऑटो को टक्कर मारकर भागने की कोशिश में डिवाइडर से गाड़ी को टकराने वाला आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार हो गया है. कानपुर के बड़े तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा पर एक्सीडेंट कर भागने का आरोप लगा था. ये बड़ी गिरफ्तारी तब हुई जब कानपुर कोर्ट ने मोहन नाम के व्यक्ति की सरेंडर एप्लीकेशन खारिज कर दी थी.
सरेंडर एप्लीकेशन का दांव
कानपुर कोर्ट में कल मोहन नाम के व्यक्ति की तरफ से दायर सरेंडर एप्लीकेशन में दावा किया गया था कि रविवार को घटना के दौरान गाड़ी शिवम नहीं बल्कि मोहन चला रहा था. जबकि कानपुर पुलिस की शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चला था कि घटना के वक्त गाड़ी शिवम मिश्रा चला रहा था. कोर्ट ने सरेंडर एप्लीकेशन खारिज करते हुए कहा था कि मोहन नाम के व्यक्ति का जिक्र अब तक केस में नहीं आया तो अचानक वो कैसे आरोपी बन सकता है.
रविवार को हुई थी दुर्घटना
रविवार को कानपुर के वीआईपी रोड पर लैम्बॉर्गिनी कार ने एक बाइक को टक्कर मारी थी. टक्कर के बाद भागने की कोशिश में गाड़ी एक ऑटो से टकराई और फिर सड़क पर बने डिवाइडर से जाकर लड़ गई. इसके बाद गाड़ी ऑटो लॉक हो गई. भीड़ ने गाड़ी को घेरकर पुलिस को बुलाया. लैंबोर्गिनी गाड़ी के पीछे चल रही एक गाड़ी में शिवम मिश्रा के बाउंसर्स थे. उन्होंने गाड़ी का विंड शील्ड तोड़कर उसे निकाला और तुरंत लेकर अस्पताल चले गए.
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कानपुर पुलिस पर उठे थे सवाल
इस मामले में कानपुर पुलिस की कार्रवाई पर तब सवाल खड़े हुए जब एफआईआर में कार का नंबर तो था लेकिन ड्राइवर का नाम अज्ञात लिखा गया था. मीडिया के सवाल करने पर पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था. हालांकि बाद में पुलिस ने शिवम मिश्रा का नाम आरोपी के तौर पर जोड़ जांच आगे बढ़ाई. हालांकि, पुलिस पर आरोपी शिवम मिश्रा का समय पर मेडिकल ना कराने का भी बड़ा आरोप है.
शिवम के पिता उसे भेज दिया दिल्ली
घटना के बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तो शिवम मिश्रा के पिता और वकील ने बताया कि शिवम को इलाज के लिए दिल्ली भेज दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान गाड़ी ड्राइवर चला रहा था. इसी बयान के आधार पर वकील ने कोर्ट में मोहन नाम के ड्राइवर की सरेंडर एप्लीकेशन दायर की. कोर्ट ने सुनवाई में अचानक मोहन का नाम आने पर सवाल खड़े करते हुए सरेंडर एप्लीकेशन खारिज कर दी. अब शिवम पुलिस की गिरफ्त में है. देखना होगा, इस केस के अब आगे क्या होता है.
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