- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामजी लाल सुमन और उनके बेटे रंजीत सुमन की क्रिमिनल रिट याचिका को खारिज कर दिया है
- पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने मामले में चार्जशीट दाखिल होने की रिपोर्ट 5 मई 2026 को कोर्ट में पेश की थी
- कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता कानून के तहत उपलब्ध अन्य उपायों का लाभ उठा सकते हैं
राणा सांगा पर विवादित बयानबाजी करने वाले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन और उनके बेटे पूर्व विधायक रंजीत सुमन द्वारा दाखिल क्रिमिनल रिट याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पुलिस महानिदेशक कार्यालय के लीगल सेल द्वारा 5 मई 2026 को एक रिपोर्ट पेश की गई है जिसमें यह बताया गया है कि मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है.
कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि मामले में चार्जशीट पहले ही जमा हो चुकी है और क्योंकि रिट याचिका में एफआईआर को चुनौती दी गई है इसीलिए इस आधार पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता रामजी लाल सुमन और उनके बेटे रंजीत सुमन की याचिका को खारिज करते हुए इसे रिकॉर्ड में भेज दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि याचिकाकर्ता कानून के तहत उपलब्ध उपाय का लाभ उठा सकता है.
यह भी पढ़ें: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले की सुनवाई से अलग हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज, अब आगे क्या होगा?
हिंदू संगठनों ने किया था हंगामा
यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की डबल बेंच ने याचिकाकर्ता रामजी लाल सुमन और रंजीत सुमन की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा पर विवादित बयान दिया था. इसके बाद हिंदू संगठनों ने उनके आगरा स्थित घर पर हंगामा किया था. इस मामले के तूल पकड़ने के बाद रामजी लाल सुमन और उनके बेटे हाईकोर्ट पहुंचे थे.
यह भी पढ़ें: पूर्व महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती को गैंगस्टर मामले में भी इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं