- शेयर बाजार में गिरावट के दौरान पैनिक में आकर शेयर बेचने की बजाय मजबूत कंपनियों में निवेश करना लाभकारी होता है.
- वॉरेन बफे के अनुसार जब बाकी लोग डर रहे हों, तब निवेशक को लालची होकर अवसरों का लाभ उठाना चाहिए.
- गिरावट के समय ब्लू चिप और मार्केट लीडर कंपनियों के शेयर चुनना चाहिए, जिनका कर्ज न्यूनतम और मुनाफा स्थिर हो.
Stock Market Crash Investment Strategy: शेयर बाजार में गिरावट या क्रैश (Stock Market Crash) देखकर ज्यादातर लोग पैनिक में आ जाते हैं और अपने पोर्टफोलियो को घाटे में ही बेचकर बाहर निकल जाते हैं, लेकिन दुनिया के सबसे सफल निवेशक वॉरेन बफे का मानना है कि जब बाकी सब लोग डरे हुए हों, तब आपको लालची बनना चाहिए.
गिरावट का दौर असल में एक सेल की तरह होता है, जहां बेहतरीन और मजबूत कंपनियों के शेयर आपको उनकी असली कीमत से काफी सस्ते दामों पर मिल जाते हैं. सही रणनीति, सब्र और अनुशासन के साथ किया गया निवेश आपको आने वाले समय में मल्टीबैगर रिटर्न दे सकता है. जब आम रिटेल निवेशक डरकर पैनिक सेलिंग कर रहे होते हैं, तब सही रणनीति अपनाकर ब्लू चिप स्टॉक्स (Blue Chip Stocks) और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लंबी अवधि में बड़ा वेल्थ क्रिएशन करते हैं.
ब्लू चिप और मार्केट लीडर स्टॉक्स पर लगाएं दांव
बाजार गिरते समय सबसे बड़ी सावधानी यह बरतनी चाहिए कि आप किसी पेनी स्टॉक या कमजोर बुनियादी ढांचे वाली कंपनी में पैसा न फंसाएं. बैंकिंग, आईटी, एफएमसीजी या ऑटो जैसे मजबूत सेक्टर्स की शीर्ष और दिग्गज कंपनियों को ही चुनें. केवल उन्हीं कंपनियों के शेयरों में दांव लगाएं, जिन पर कर्ज न के बराबर हो और जिनका बिजनेस लगातार अच्छा मुनाफा कमा रहा हो.

बाय ऑन ड्रिप और SIP की ताकत का उठाएं फायदा
गिरे हुए बाजार में एक साथ अपना सारा पैसा कभी न झोंकें, क्योंकि बाजार का निचला स्तर तय करना नामुमकिन है. लिहाजा, अपने कुल बजट को 3 से चार हिस्सों में बांट लें. अगर बाजार पांच प्रतिशत गिरता है, तो पहला हिस्सा लगाएं और आगे गिरावट जारी रहने पर धीरे-धीरे बाकी पैसा लगाएं. गिरावट के समय म्यूचुअल फंड या स्टॉक एसआईपी बंद करना सबसे बड़ी भूल होती है. दरअसल, बाजार गिरते ही आपको उतनी ही रुपयों में अधिक यूनिट्स मिलती हैं, जिससे औसतन आपकी लागत कम हो जाती है.

नोशनल लॉस से न डरें और सब्र रखें
जब तक आप अपने घाटे वाले शेयर को बेचते नहीं हैं, तब तक आपका नुकसान केवल स्क्रीन पर दिखने वाला एक काल्पनिक नुकसान (Notional Loss) होता है. शेयर बाजार का इतिहास गवाह है कि हर बड़ी गिरावट या मंदी के बाद बाजार ने नए ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाए हैं. अच्छी कंपनियों में केवल इसलिए अपना शेयर न बेचें, क्योंकि पूरा बाजार लाल निशान में है. मजबूत बुनियादी ढांचे वाले शेयर बाजार में सुधार आते ही सबसे तेजी से ऊपर उठते हैं.

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स्मार्ट पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और अनुशासन है जरूरी
| नियम | क्या करें | क्या न करें |
| पोर्टफोलियो रीबैलेंस | कमजोर कंपनियों से पैसा निकालकर मजबूत ब्लूचिप में लगाएं. | खराब बिजनेस वाली कंपनियों में केवल 'एवरेज' करने के लिए पैसा न लगाएं. |
| इमरजेंसी फंड | केवल उसी पैसे का निवेश करें जिसकी 35 साल जरूरत न हो. | रोजमर्रा के खर्च या इमरजेंसी फंड को मार्केट में न झोंकें. |
| लेवरेज्ड ट्रेडिंग | अपने पास मौजूद अतिरिक्त फंड का ही इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश करने के लिए करें. | कभी भी लोन, उधारी या क्रेडिट कार्ड से पैसे लेकर शेयर न खरीदें. |
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