देश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक सस्ता या मुफ्त राशन पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना चलाई जा रही है. इस योजना के जरिए देश के करोड़ों लोगों को हर महीने अनाज उपलब्ध कराया जाता है. लेकिन इस बीच कई जगहों से राशन डीलरों की मनमानी की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं. कई बार कोटेदार कार्डहोल्डर्स को कम राशन देते हैं या पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाकर उन्हें बिना अनाज दिए ही वापस भेज देते हैं. इतना ही नहीं, शिकायत करने पर कई गरीब परिवारों को बदसलूकी और धमकियों का भी सामना करना पड़ता है, जिससे वे अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते. इसी मनमानी को रोकने के लिए सरकार ने एक आसान शिकायत मंच बनाया है. इसके जरिए आप घर बैठे बेईमान कोटेदारों की शिकायत कर सकते हैं.
टोल-फ्री नंबर पर करें शिकायत
राशन से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1967 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग के टोल-फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में 18001800150 नंबर उपलब्ध है. ऐसे ही अलग-अलग राज्यों के टोल-फ्री नंबर उपलब्ध हैं. शिकायत दर्ज होते ही विभाग कार्रवाई शुरू करता है.
ऑनलाइन पोर्टल से भी कर सकते हैं शिकायत
लोग अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यहां राशन कार्ड नंबर, डीलर की जानकारी और समस्या की डिटेल्स भरकर शिकायत सबमिट करनी होती है. इसके बाद विभाग मामले की जांच करता है.
जागरूक लाभार्थी ही
— Department of Food & Public Distribution (@fooddeptgoi) June 9, 2026
अपने अधिकारों का पूरा लाभ प्राप्त कर पाता है।
इसी उद्देश्य से हम राशन से जुड़े आम लेकिन महत्वपूर्ण सवालों के आसान और सही जवाब आपके साथ साझा कर रहे हैं, ताकि सही जानकारी हर लाभार्थी तक पहुँच सके।#PMGKAY #RationAwareness #DFPD pic.twitter.com/rAr9LE9ORO
जिला स्तर पर भी है शिकायत की व्यवस्था
अगर ऑनलाइन या फोन पर समाधान नहीं मिलता, तो उपभोक्ता जिला पूर्ति अधिकारी या आपूर्ति निरीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकते हैं. शिकायत मिलने पर अधिकारी संबंधित राशन दुकान का निरीक्षण करते हैं और जांच शुरू की जाती है.
दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
अगर जांच में राशन डीलर दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है. इसमें लाइसेंस सस्पेंड या रद्द होना शामिल है. गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई और जेल तक की सजा भी हो सकती है. सरकार का कहना है कि किसी भी तरह की बदमाशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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