Ghee Purity Test: देसी घी भारतीय खान-पान का एक अहम हिस्सा है. दाल में तड़का लगाने से लेकर मिठाइयों और आयुर्वेदिक नुस्खों तक में शुद्ध घी का इस्तेमाल हर घर में होता है. दरअसल, अपनी पोषण क्षमता, प्राकृतिक सुगंध और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुणों की वजह से इसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.
हालांकि, त्योहारों के सीजन में बाजार में मांग बढ़ते ही नकली और मिलावटी देसी घी का धंधा भी बढ़ जाता है. अकसर घी में सस्ते वनस्पति (Hydrogenated Fat) या घटिया स्तर की चर्बी मिला दी जाती है. ऐसा मिलावटी घी न केवल घी के प्राकृतिक स्वास्थ्य लाभों को खत्म कर देता है, बल्कि लंबे समय तक इसके सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. इसी खतरे से सावधान करने के लिए FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने एक आसान घी की शुद्धता जांचने का तरीका शेयर किया है.
Here's how you can easily test at home whether your ghee is pure or adulterated with vanaspati.
— FSSAI (@fssaiindia) March 21, 2026
Watch this video till the end and learn a simple method you can try yourself. #NoToAdulteration pic.twitter.com/w656d2Jglb
जांच से पहले जुटा लें ये सामान
- मिलीलीटर पिघला हुआ घी लें.
- मिलीलीटर सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड लें.
- आधा चम्मच सामान्य पिसी चीनी लें
- एक छोटी कांच की टेस्ट ट्यूब या पारदर्शी शीशी लें.
ऐसे करें घी की शुद्धता की जांच
इस टेस्ट को करने के लिए आपको बहुत कम चीजों की जरूरत होगी, जिसे 5 मिनट के भीतर घर पर आसानी से किया जा सकता है.
- सबसे पहले टेस्ट ट्यूब में 1 मिलीलीटर पिघला हुआ घी लें.
- इसमें 1 मिलीलीटर सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं.
- अब इसमें आधा चम्मच चीनी डालें.
- इस मिश्रण को लगभग 2 मिनट तक अच्छी तरह हिलाएं .
- इसके बाद टेस्ट ट्यूब को 2-3 मिनट के लिए स्थिर रख दें, ताकि दोनों परतें अलग-अलग हो सके.
- घी शुद्ध होगा तो एसिड वाली परत के रंग में कोई बदलाव नहीं होगा .
- घी मिलावटी होने पर नीचे की एसिड परत का रंग गुलाबी या गहरा लाल हो जाएगा.
जानें इसके पीछे का विज्ञान
जब चीनी को हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ मिलाया जाता है, तो चीनी टूटकर फरफ्यूरल नाम का केमिकल कंपाउंड बनाती है. यह कंपाउंड वनस्पति या तिल के तेल में मौजूद विशेष घटकों के साथ प्रतिक्रिया करके लाल या गुलाबी रंग बनाता है. वहीं, शुद्ध देसी घी में यह घटक नहीं होते हैं, इसलिए रंग में कोई बदलाव नहीं आता.
देसी घी खरीदते समय रखें इन 4 बातों का ध्यान
- FSSAI मार्क और लेबल जांचें: हमेशा मान्यता प्राप्त ब्रांड्स और FSSAI लाइसेंस नंबर वाला पैकेट ही खरीदें.
- सस्ते दाम से बचें: शुद्ध देसी घी बनाने में अधिक दूध और मेहनत लगती है. यदि कोई बाजार दर से बहुत कम कीमत में घी बेच रहा है, तो उसमें मिलावट की संभावना सबसे अधिक होती है.
- सुगंध और दानेदार बनावट: शुद्ध देसी घी की प्राकृतिक सुगंध बहुत हल्की और सुखद होती है और इसका टेक्सचर दानेदार होता है.
- विश्वसनीय विक्रेता: हमेशा प्रामाणिक दुकानों, रजिस्टर्ड डेयरी या भरोसेमंद ब्रांड से ही खरीदारी करें.
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खाद्य सामग्री में मिलावट से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि जागरूकता, लिहाजा FSSAI के इस आसान घरेलू टेस्ट को आजमाएं और अपने परिवार को मिलावटी खान पान के नुकसान से सुरक्षित रखें.
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