Food Adulteration Crackdown 2026: त्योहारों के मौसम और आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए देश के प्रमुख राज्यों में मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है. महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर और तेजतर्रार आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे की सख्ती के बाद अब उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी खाद्य सुरक्षा विभागों ने शिकंजा कस दिया है.
इसी कड़ी में मुंबई से लेकर जयपुर और गाजियाबाद तक, नकली दूध, जहरीले पनीर, बासी मिठाइयों और मिलावटी खाने के तेल के खिलाफ सख्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है.
राजस्थान में 6,900 लीटर संदिग्ध तेल सीज
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ शुद्ध आहार–मिलावट पर वार नाम से अभियान के तहत प्रदेशभर के 60 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की. इस दौरान, गोविंद नगर स्थित मैसर्स श्री श्याम वेजिटेबल पर औचक निरीक्षण कर कुंदन पोस्टमैन ब्रांड का 6,900 लीटर संदिग्ध मूंगफली तेल सीज किया गया. बाजार दर से काफी सस्ते में में बेचे जाने के कारण इसमें मिलावट की भारी आशंका जताई गई है. इसके अलावा, उदयपुर में 600 लीटर दूषित दूध, विभिन्न जिलों में 265 किलो बासी मिठाइयां, 148 किलो दुग्ध उत्पाद व मावा और बीकानेर में 65 किलो संदिग्ध घी नष्ट कराया गया. आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के मुताबिक प्रयोगशाला रिपोर्ट में मानकों के विपरीत पाए जाने पर व्यापारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मुकदमा दर्ज होगा.
गाजियाबाद के कलछीना में भी छापा
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर गाजियाबाद के भोजपुर क्षेत्र के कलछीना गांव में बड़ी कार्रवाई की गई. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर मसूरी, मुरादनगर पुलिस और PAC की टुकड़ियों की मौजूदगी में चेकिंग अभियान चलाया गया. लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद की संयुक्त टीमों ने गांव में दबिश देकर खोया और दूध के 5 महत्वपूर्ण नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे. रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मिलावटखोरों के खिलाफ महाराष्ट्र में IAS तुकाराम का बड़ा एक्शन
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने राज्य में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है. उन्होंने मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक में हजारों संस्थानों की जांच कर नियम तोड़ने वाले दर्जनों होटलों के लाइसेंस निलंबित व रद्द कर दिए हैं. वहीं, रसायनों से बनने वाले नकली दूध और एनालॉग पनीर का उत्पादन करने वाली कई डेयरियों को सील कर दिया है. इसके अलावा, गैरकानूनी तौर पर खाद्य तेल के भंडारण और भ्रामक प्रचार करने वाले ब्रांड्स को कड़े नोटिस थमाए गए हैं.
मिलावटखोरी के खिलाफ घर बैठे ऐसे करें शिकायत
अगर आपको अपने आसपास कहीं नकली, दूषित या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जाने का संदेह है, तो आप इन माध्यमों से सीधे अधिकारियों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत करते समय इस बात का ध्यान रखें कि दुकान व निर्माता का पूरा नाम व पता, खरीद की रसीद और दूषित सामग्री का स्पष्ट फोटो या वीडियो अवश्य साथ में संलग्न करें. नीचे बताए गए तरीके से आप घर बैठे मिलावटी व खराब खाद्य पदार्थों की शिकायत कर सकते हैं.
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- प्ले स्टोर से FSSAI Food Safety Connect App डाउनलोड करें और बिल व फोटो अपलोड करके शिकायत करें.
- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की टोल-फ्री नंबर 1915 पर कॉल कर शिकायत कर सकते हैं.
- FSSAI के आधिकारिक WhatsApp Helpline नंबर 9868686868 पर मैसेज व फोटो भेज कर शिकायत करें.
- UP राज्य खाद्य हेल्पलाइन की टोल-फ्री नंबर 180018053 पर भी शिकायत कर सकते हैं.
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