- भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल पेमेंट में सुरक्षा के लिए ग्राहकों को जानकारी की दोबारा जांच की सलाह दी है.
- पैसा भेजने से पहले लाभार्थी का नाम और ट्रांसफर राशि की दोबारा पुष्टि करना बेहद जरूरी बताया गया है.
- गलती से पैसे गलत खाते में जाने पर तुरंत यूपीआई ऐप के हेल्प सेक्शन या बैंक से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं.
Online Payment Safety Tips: चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग (Net Banking) और डिजिटल वॉलेट (Digital Wallet) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. चुटकियों में पैसे भेजने की सुविधा ने हमारी जिंदगी को जितना आसान बनाया है, उतनी ही थोड़ी सी असावधानी से पैसे गलत खाते में जाने या साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) का शिकार होने का जोखिम भी बढ़ गया है.
इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने जनहित अभियान के तहत ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. केंद्रीय बैंक का स्पष्ट संदेश है कि जानकार बनिए, सतर्क रहिए! लिहाजा, केंद्रीय बैंक ने आम जनता को एक बार फिर सतर्क करते हुए हर डिजिटल लेनदेन (Digital Transactions) से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखने की नसीहत की है.
नियम फॉलो करें और पेमेंट को सुरक्षित करें

पैसा ट्रांसफर करने से पहले जरूर करें इन 2 बातों की री-चेकिंग
रिजर्व बैंक की ओर से जारी ताजा एडवाइजरी में कहा गया है कि जब भी आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर से किसी को पैसे भेजें, तो पे या कन्फर्म बटन दबाने से पहले नीचे दी गई दो मुख्य जानकारियों का मिलान जरूर करें.
लाभार्थी का सही नाम: जिस व्यक्ति या दुकानदार को आप पैसे भेज रहे हैं, स्क्रीन पर दिखाई दे रहा नाम सही है या नहीं. कई बार गलत यूपीआई आईडी या गलत मोबाइल नंबर टाइप हो जाने से पैसा किसी अजनबी के खाते में चला जाता है.
भेजी जाने वाली सटीक राशि: ट्रांसफर की जाने वाली रकम के अंकों की दोबारा जांच करें. जल्दबाजी में एक जीरो (0) ज्यादा लग जाने से 50,000 रुपये की जगह 5,00,000 रुपये ट्रांसफर हो सकते हैं.
पैसे गलत खाते में चले जाएं तो क्या करें?
अगर गलती से आपका पैसा किसी गलत यूपीआई आईडी या बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाता है, तो घबराने के बजाय तुरंत नीचे बताए गए कदम उठाएं.
- गूगल पे, फोनपे, पेटीएम या BHIM जैसे अपने यूपीआई ऐप के हेल्प सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज कराएं.
- अपने बैंक की शाखा या कस्टमर केयर से संपर्क करें और ट्रांजैक्शन आईडी और मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर करें.
- आप नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर Dispute Redressal Mechanism के तहत गलत ट्रांजैक्शन की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
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यह हमेशा याद रखें कि खाते में पैसे पाने के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज नहीं करना पड़ता. पिन केवल पैसे भेजने के लिए ही होता है.
किसी भी अनजान मैसेज, लॉटरी या कैशबैक के लुभावने लिंक पर क्लिक करके अपना पिन या ओटीपी साझा न करें.
अपने वित्तीय ऐप्स पर हमेशा मजबूत पासवर्ड या बायोमेट्रिक लॉक का इस्तेमाल करें.
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