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दिल्ली में सस्ती बिजली के लिए आधार अनिवार्य, एक ग्राहक कितने मीटर पर ले रहा सब्सिडी, होगी पहचान

दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी के नियम में बजड़ा बदलाव कर दिया है. अब किसी भी उपभोक्ता को बिजली की सब्सिडी लेने के लिए आधार नंबर देना होगा. दरअसल, सरकार ये पता लगाना चाह रही है कि लोग एक नाम पर एक से ज्यादा कनेक्शन तो नहीं चला रहे हैं.

दिल्ली में सस्ती बिजली के लिए आधार अनिवार्य, एक ग्राहक कितने मीटर पर ले रहा सब्सिडी, होगी पहचान
दिल्ला में अब बिना आधार नहीं मिलेगी सब्सिडी.
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  • दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी के लिए आधार कार्ड नंबर देना अनिवार्य कर दिया है.
  • बिजली सब्सिडी प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी पहचान संबंधी जानकारी साझा करनी होगी.
  • इस नई व्यवस्था से पता चलेगा कि एक व्यक्ति के नाम पर कितने बिजली मीटर पर सब्सिडी ली जा रही है.

दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी के लिए आधार कार्ड नंबर होना अनिवार्य कर दिया है. अगर बिजली सब्सिडी चाहिए तो आधार नंबर बिजली कंपनियों और दिल्ली सरकार से साझा करना होगा. सरकार इसके जरिये बिजली सब्सिडी लेने वाले विद्युत उपभोक्ताओं की पहचान होगी. पता चलेगा कि एक व्यक्ति के नाम पर कितने बिजली मीटर पर सब्सिडी ली जा रही है. अगर भविष्य में बिजली सब्सिडी का पैसा बैंक खाते में भेजा जाता है तो एक व्यक्ति को सिर्फ एक ही मीटर पर सब्सिडी का लाभ दिया जा सकता है. अभी सरकार बिजली मीटर के सीए नंबर के आधार पर सब्सिडी जारी करती है.

दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग ने उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी कर बिजली सब्सिडी के लिए पहचान केवाईसी जरूरी कर दिया है. अब उपभोक्ताओं को बिजली कंपनियों और सरकार के साथ अपनी पहचान संबंधी जानकारी साझा करनी होगी. इस कदम का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और फर्जीवाड़ा रोकना है. दिल्ली सरकार के मुताबिक इस व्यवस्था से कागजी कार्रवाई और बहुस्तरीय दस्तावेजों की झंझट खत्म होगी और सिर्फ पात्र और वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही सरकारी योजना का लाभ पहुंचेगा.

इसलिए लिया गया यह फैसला

  • बिजली वितरण कंपनियों के माध्यम से दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान सीधे दिल्ली सरकार करती है. सरकारी खजाने से जाने वाली इस राशि के पारदर्शी उपयोग के लिए यह कदम उठाया गया है.
  • प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस डेटा सत्यापन से यह साफ हो सकेगा कि एक ही व्यक्ति या परिवार की ओर से अलग अलग बिजली मीटरों के जरिए बार-बार सब्सिडी का अनुचित लाभ तो नहीं उठाया जा रहा.
  • फिलहाल सब्सिडी की राशि बिजली बिल में सीधे माइनस होकर आती है. अगर भविष्य में सरकार सब्सिडी का पैसा सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजने का फैसला लेती है, तो एक व्यक्ति को केवल एक ही मीटर पर सब्सिडी दी जाएगी. 

ऐसे केवाईसी करें पूरा

उपभोक्ता दिल्ली सरकार या अपनी संबंधित बिजली कंपनी के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपना ब्योरा दर्ज करा सकेंगे.
अगर किसी उपभोक्ता के पास वर्तमान में वैध पहचान दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो वे इसके लिए नए सिरे से आवेदन कर रसीद या एनरोलमेंट आईडी की जानकारी भी दे सकते हैं.

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ये है सब्सिडी का स्लैब

  •  0 से 200 यूनिट तक: 100 प्रतिशत सब्सिडी है, यानी बिजली पूरी तरह मुफ्त और बिल शून्य 0 रुपये आता है.
  •  201 से 400 यूनिट तक: पहले 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती है, जो अधिकतम 800 तक है.
  •  400 यूनिट से अधिक: 400 यूनिट से ज्यादा खपत होने पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है और पूरा बिल सामान्य टैरिफ दरों पर चुकाना होता है.

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