- दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने व नियमों का कड़ाई से पालन करने का प्रस्ताव रखा है.
- अब प्रत्येक व्यक्ति अधिकतम 5 ई-रिक्शा ही रख सकेंगे और डिजिटल कंप्लायंस सर्टिफिकेट भी लेना जरूरी होगा.
- बिना रजिस्ट्रेशन या कंप्लायंस सर्टिफिकेट वाले अवैध ई-रिक्शा को जब्त कर क्रश कर नीलाम किया जाएगा.
Delhi ERickshaw New Draft Policy 2026: दिल्ली में ट्रैफिक जाम, अनियंत्रित संख्या और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की ओर से जारी 'दिल्ली ई रिक्शा रजिस्ट्रेशन और संचालन योजना 2026 के ड्राफ्ट में पूरी दिल्ली में ई रिक्शा की कुल संख्या 2.5 लाख पर सीमित करने का प्रस्ताव रखा गया है. इस नई नीति के तहत राजधानी की सड़कों पर सिर्फ वैध और नियमों का पालन करने वाले ई-रिक्शा ही चल सकेंगे.
इसके साथ ही एक व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा 5 ई-रिक्शा ही रख सकेगा, इसके साथ ही अब डिजिटल कंप्लायंस सर्टिफिकेट लेना भी जरूरी होगा. गैरकानूनी रूप से ई-रिक्शा चलाने पर सीधे क्रश करके नीलाम कर दिया जाएगा. इस ड्राफ्ट पॉलिसी पर जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं.
तय होगी 2.5 लाख ई-रिक्शा की सीमा
- नए नियम के तहत दिल्ली में ई रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट की कुल संख्या ढाई लाख पर फिक्स कर दी जाएगी. इस सीमा के बाद सरकार जब तक समीक्षा नहीं करेगी, तब तक कोई नया रजिस्ट्रेशन या ECC जारी नहीं होगा.
- नीति अधिसूचित होने के बाद पहले से चल रहे रजिस्टर्ड ई-रिक्शा मालिकों को अपनी गाड़ी के कंप्लायंस सर्टिफिकेट के लिए 90 दिनों का समय दिया जाएगा.
- अब केवल वाहन पंजीकरण काफी नहीं होगा. हर ई-रिक्शा को 2 साल की वैधता वाला एक डिजिटल ECC लेना होगा, जो वाहन, मालिक, चालक के लाइसेंस, फिटनेस और बीमा दस्तावेजों से लिंक रहेगा.
ओनरशिप लिमिट समेत लागू होंगे ये नियम
- इस नियम का लागू होने के बाद दिल्ली के निवासी व्यक्तिगत तौर पर अपने नाम पर अधिकतम 5 ई-रिक्शा ही खरीद व रख सकेंगे.
- कंपनियों, फर्मों या सहकारी समितियों के लिए ज्यादा से ज्यादा 100 ई-रिक्शा की सीमा तय की गई है. अगर किसी ऑपरेटर के पास 25 या उससे ज्यादा ई रिक्शा का बेड़ा है, तो उसे अनिवार्य रूप से एग्रीगेटर लाइसेंस लेना होगा.
- ई रिक्शा चालक के पास वैध ई रिक्शा ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल बैज होना जरूरी होगा. एक चालक का लाइसेंस एक ही ECC से लिंक हो सकेगा.
सुरक्षा, सवारी सीमा और बुल बार्स पर पूर्ण पाबंदी
- ई-रिक्शा में चालक के अलावा अधिकतम 4 सवारियां बैठ सकेंगी और सामान की सीमा 40 किलोग्राम तय की गई है. खड़े होकर यात्रा करने या ड्राइवर की सीट पर सवारी बैठाने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी.
- वाहनों के आगे-पीछे लगने वाले लोहे के गार्ड और क्रैश गार्ड पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
- सभी ई रिक्शा में MoRTH की ओर से निर्धारित बैटरी तकनीक ही मान्य होगी, पुरानी बैटरियों का निस्तारण केवल अधिकृत रीसाइक्लर्स के जरिए ही किया जाएगा.
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नियम तोड़ने पर सीधे क्रश कर नीलाम होगी गाड़ी
प्रस्तावित मसौदे में बिना रजिस्ट्रेशन या बिना ECC के अवैध रूप से चलने वाले वाहनों के खिलाफ बेहद कड़े दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं. नई ई-रिक्शा नीति लागू होने के बाद अगर कोई भी ई रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन या ECC के चलता पाया गया, तो एनफोर्समेंट टीम उसे तुरंत जब्त कर लेगी. जब्त किए गए गैर रजिस्टर्ड ई-रिक्शा को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा. ऐसे वाहनों को क्रश कर कबाड़ में तब्दील कर नीलाम कर दिया जाएगा, और उसकी बैटरी को भी नीलाम किया जाएगा.
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