Patna Rail Bypass Line: बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और माल ढुलाई नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में पूर्व मध्य रेलवे ने बड़ी सफलता हासिल कर ली है. दरअसल, दानापुर मंडल के तहत 20 किलोमीटर लंबी नेओरा जतदमरी नई रेल लाइन को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी से हरी झंडी मिल गई है. 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल के बाद मिली इस मंजूरी से अब मालगाड़ियां पटना जंक्शन को बाईपास करके निकल सकेंगी. इससे देश के सबसे व्यस्त दिल्ली-हावड़ा मेन रूट पर दबाव कम होगा और नई पैसेंजर ट्रेनों के लिए ट्रैक कैपेसिटी भी बढ़ेगी.
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के मुताबिक इस नए बाईपास रूट के चालू होने से पटना शहर और दानापुर पटना किऊल रेल मार्ग पर मालगाड़ियों का दबाव खत्म हो जाएगा, जिससे नई पैसेंजर ट्रेनों के लिए ट्रैक कैपेसिटी बढ़ेगी.
कैसे काम करेगा पटना बाईपास
मौजूदा वक्त में दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन का 187 किलोमीटर लंबा दानापुर-पटना-किऊल-झाझा सेक्शन अत्यधिक भीड़भाड़ वाला रेल रूट है. ऐसे में इस नई लाइन के पूरी तरह चालू हो जाने के बाद, हावड़ा या पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली भारी मालगाड़ियां पटना पहुंचे बिना सीधे नए रूट से गुजर जाएंगी. इस नए मालगाड़ी रूट में नेओरा -जतदमरी -दनियावां -बिहारशरीफ - बरबीघा - शेखपुरा - किऊल शामिल हैं. इस रूट के चालू हो जाने से पटना जंक्शन और दानापुर पर मालगाड़ियों का ठहराव या सफर बंद होने से यात्री ट्रेनों को समय पर चलाया जा सकेगा. इसके साथ ही कई नई ट्रेनों की शुरुआत के लिए ट्रैक क्षमता उपलब्ध होगी.
दो चरणों में पूरा हुआ नेउरा दनियावां प्रोजेक्ट
ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने इस 42 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया है. पहला चरण में 22.74 किलोमीटर लंबा जाता दुवारी दनियावां सेक्शन किया गया, जहां पहले से ही ट्रेनों का परिचालन जारी है. वहीं, अब दूसरे चरण में 20 किलोमीटर लंबा नेओरा जतदमरी सेक्शन को तैयार किया गया है, जिसका हाल ही में 8 अक्टूबर को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल हुआ था, जिसके बाद सीआरएस की सुरक्षा मंजूरी मिली है.
नए बने स्टेशन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
पटना-आरा रेलखंड पर स्थित नेओरा जंक्शन और पटना-गया रेलखंड पर स्थित जात डुमरी जंक्शन के बीच यात्रियों व स्थानीय संपर्क के लिए नए स्टेशन बनाए गए हैं.
- नया स्टेशन: गोनपुर
- 3 नए हॉल्ट : अधपा, चमचम और वाजिदपुर .
- इंजीनियरिंग ढांचा: इस 20 किमी लंबे रूट पर 3 बड़े पुल, 16 छोटे पुल, 5 लिमिटेड हाइट सबवे, 2 रोड ओवर ब्रिज, एक रेल ओवर रेल संरचना और 12 रोड अंडर ब्रिज तैयार किए गए हैं.
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