'उत्तराखंड त्रासदी'

- 59 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • India | Reported by: नेहाल किदवई, Edited by: राहुल सिंह |शुक्रवार फ़रवरी 19, 2021 07:43 PM IST
    उत्तराखंड (Uttarakhand Disaster) के चमोली जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से एक और शव मिला है, जिससे ग्लेशियर टूटने की आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है. वहीं NTPC की तपोवन-विशनुगढ़ जलविद्युत परियोजना स्थल पर 13वें दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी रहा. उत्तराखंड में आई तबाही की तस्वीर रोंगटे खड़े कर देती हैं. ऐसे में तमाम परेशानियों के बीच राहत और बचाव का काम NDRF, SDRF, ITBP, सेना समेत अन्य एजेंसियां कर रही हैं और तीसरी आंख के तौर पर ड्रोन कैमरे इनकी मदद कर रहे हैं. बचाव कार्यों में एजेंसियों के ड्रोन कैमरों के साथ-साथ प्राइवेट ड्रोन भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
  • India | Reported by: भाषा |गुरुवार फ़रवरी 18, 2021 12:05 AM IST
    भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की एक संयुक्त टीम उत्तराखंड (Uttarakhand Flood) के चमोली जिले में ऊंचाई पर बनी कृत्रिम झील वाले स्थान तक बुधवार को पहुंच गई. हाल में हिमखंड टूटने के कारण अचानक आई बाढ़ के बाद शायद यह झील बनी है. अधिकारियों ने बताया कि झील मुरेंडा में बनी है, जहां तक जाने के लिए रैनी गांव से करीब 5-6 घंटे लग जाते हैं. ITBP के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया, ‘‘झील तक जाने वाले यह पहली टीम है. ITBP तथा DRDO के कर्मी हाल में अचानक आई बाढ़ के कारण बनी कृत्रिम झील से संभावित खतरे का आकलन करेंगे.’’
  • India | Reported by: विष्णु सोम, Edited by: तूलिका कुशवाहा |शुक्रवार फ़रवरी 12, 2021 02:38 PM IST
    Uttarakhand Glacier Break: एवेंलांच के चलते वहां पर एक खतरनाक झील बन गई है, जिससे दूसरी आपदा आने का डर है. पानी का दबाव बढ़ा तो यहां पर दूसरा फ्लैश फ्लड आ सकता है.
  • India | Edited by: राहुल सिंह |शुक्रवार फ़रवरी 12, 2021 01:16 PM IST
    उत्तराखंड (Uttarakhand Flash Flood) के चमोली जिले में 7 फरवरी को आई तबाही से हर कोई हक्का-बक्का रह गया था. दुनियाभर से पीड़ितों की सलामती की दुआएं मांगी जा रही हैं. अभी तक 200 से ज्यादा लोग लापता हैं. 36 शव बरामद किए जा चुके हैं. तपोवन सुरंग में लोगों के फंसे होने की आशंका पर युद्ध स्तर पर मलबा हटाने का काम जारी है. इस काम में बचाव दल के सामने कई चुनौतियां भी हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया कि गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने एक बैठक में बचाव और राहत कार्यों की जानकारी ली.
  • India | Edited by: आरिफ खान मंसूरी |गुरुवार फ़रवरी 11, 2021 11:22 AM IST
    Uttarakhand Glacier Disaster : तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की सुरंग में टनों गाद और मलबा आने के कारण बचाव अभियान में आ रही मुश्किलों को देखते हुए उसमें फंसे 30-35 लोगों को ढूंढने के लिए ड्रोन तथा रिमोट सेंसिंग उपकरणों की मदद ली जा रही है.
  • India | Reported by: दिनेश मानसेरा, Edited by: आरिफ खान मंसूरी |बुधवार फ़रवरी 10, 2021 11:02 AM IST
    Uttarakhand Glacier Burst : टनल के एक तरफ से सेना और ITBP के जवान बचाव कार्य मे लगे है. मंगलवार शाम से टनल की दूसरी तरफ वायुसेना के विशेष दस्ते को उतार कर टनल में रास्ता बनाये जाने का काम भी शुरू किया गया है.
  • India | Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण |सोमवार फ़रवरी 8, 2021 04:03 PM IST
    भूवैज्ञानिक गतिविधियों का अध्ययन करने वाले देश के शीर्ष निकाय, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, ने आज कहा कि उत्तराखंड का जल-प्रलय "ग्लेशियल काल्विंग" के कारण प्रतीत होता है.
  • India | Reported by: भाषा |रविवार नवम्बर 15, 2020 10:30 PM IST
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और उत्तराखंड में उनके समकक्ष त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने रविवार को शिव के धाम केदारनाथ (Kedarnath) के दर्शन किए और वहां चल रहे पुनर्निमाण कार्यों का जायजा लिया. बाबा केदार के दर्शन करने के उपरांत योगी ने वर्ष 2013 की त्रासदी के बाद किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं के विश्वास की बहाली के साथ ही भारत की अस्मिता, सांस्कृतिक केंद्रों और मानबिंदुओं की पुनर्स्थापना भी हुई है. उन्होंने कहा, ''यही आस्था भारत को भारत बनाने में मदद करती है.''
  • India | Edited by: सुनील कुमार सिरीज |मंगलवार फ़रवरी 7, 2017 08:51 PM IST
    कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए उन पर उत्तराखंड भूकंप त्रासदी का मजाक बनाने और स्वतंत्रता संघर्ष का अपमान करने का आरोप लगाया.
  • India | बुधवार जून 17, 2015 01:34 PM IST
    दो साल पहले केदारनाथ समेत उत्तराखंड में आई आपदा हिमालय के इतिहास में सबसे भयानक त्रासदी थी। उस वक्त एनडीटीवी की टीम सबसे पहले केदारनाथ पहुंची, जिसके प्रमुख सदस्य थे एनडीटीवी इंडिया के सीनियर एडिटर हृदयेश जोशी। पढ़ें उस खौफनाक मंज़र के पल-पल का रोंगटे खड़े करने वाला ब्यौरा।
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