WhatsApp अपने ऐप एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए नए-नए फीचर्स लाता रहता है. अब कंपनी एक नया बदलाव करती दिख रही है. WhatsApp भारत में कई यूजर्स से उनकी जन्मतिथि (Date of Birth) मांगता हुआ दिखाई दे रहा है. इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म देश में भविष्य में लागू होने वाले किसी एज वेरिफिकेशन नियम की तैयारी कर रहा है.
ये दावा टिप्स्टर Abhishek Yadav ने किया है. उन्होंने X पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें WhatsApp यूजर्स से अपनी जन्मतिथि जोड़ने के लिए कह रहा है. स्क्रीनशॉट के मुताबिक, ऐप का कहना है कि ऐसा "भारत सरकार के आने वाले नियमों" के चलते किया जा रहा है. इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या भारत भी कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर सख्त नियम लागू करने जा रहा है.
INDIA MAY FOLLOW OTHER COUNTRIES ON SOCIAL MEDIA AGE RULES
— Abhishek Yadav (@yabhishekhd) August 1, 2026
WhatsApp has started asking some users in India to add their date of birth. The app says this is because of upcoming Indian government rules.
Countries like Australia have already set a minimum age for social media, and… pic.twitter.com/hRx7EgAYG4
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि WhatsApp या भारत सरकार की ओर से अभी तक ऐसे किसी नए एज वेरिफिकेशन नियम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में इस दावे को फिलहाल पुष्टि होने तक केवल एक अपुष्ट जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
WhatsApp क्यों मांग रहा है यूजर्स की उम्र?
भारत में दिखाई दे रहे इस नए प्रॉम्प्ट की वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन WhatsApp का यूजर्स से उनकी उम्र पूछना कोई नई बात नहीं है. कंपनी अपने आधिकारिक सपोर्ट पेज पर बताती है कि कुछ मामलों में अकाउंट बनाते समय या कुछ फीचर्स का इस्तेमाल करते समय यूजर्स से उनकी उम्र मांगी या उसकी पुष्टि कराई जा सकती है. जरूरत पड़ने पर कंपनी उम्र वेरिफाई करने के लिए अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकती है.
WhatsApp के मुताबिक, अलग-अलग देशों के कानूनी नियमों का पालन करने के लिए उम्र से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती है. कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स को उनकी उम्र के हिसाब से बेहतर अनुभव देने में भी मदद मिलती है. इसमें WhatsApp पर मिलने वाले कुछ Meta AI फीचर्स और Status और Channels में दिखने वाले विज्ञापन भी शामिल हैं.
कंपनी का ये भी कहना है कि उम्र से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल उसकी Terms of Service को लागू करने, सर्विस में सुधार करने, कस्टमर सपोर्ट देने, कानूनी अनुरोधों का जवाब देने, सुरक्षा बढ़ाने और यूजर्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए किया जा सकता है.
WhatsApp यह भी साफ करता है कि यूजर द्वारा दी गई उम्र दूसरे लोगों को दिखाई नहीं देती. जब कोई यूजर 18 साल का हो जाता है या अपने देश में तय वयस्क आयु तक पहुंच जाता है, तो उसका अकाउंट दूसरे वयस्क अकाउंट की तरह ही माना जाता है और उसे सभी उपलब्ध फीचर्स का एक्सेस मिल जाता है.
क्या भारत में भी आएंगे एज वेरिफिकेशन नियम?
इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या भारत भी दूसरे देशों की तरह कम उम्र के इंटरनेट यूजर्स के लिए सख्त नियम लागू कर सकता है. आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा कानून लागू किया है, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat, X, Reddit और YouTube जैसे कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल प्रतिबंधित है.
ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि ये कदम बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ग्रूमिंग से बचाने के लिए उठाया गया है. हालांकि, WhatsApp को इस कानून से छूट मिली हुई है और वहां यह अपने मौजूदा वैश्विक आयु नियमों के तहत ही काम करता है.
वहीं, ब्रिटेन ने भी कुछ ऑनलाइन सर्विस के लिए एज वेरिफिकेशन से जुड़े नियमों को और सख्त किया है. इसे दुनिया भर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा माना जा रहा है.
अगर भविष्य में भारत भी इस तरह के नियम लागू करता है, तो Telegram, Signal, Instagram और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म को भी यूजर्स की उम्र वेरिफाई करनी पड़ सकती है.
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