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Garfield AI:  क्लाइंट ने कोर्ट में AI को सौंपा केस, मशीन जीत गई, वकील देखता रह गया

दुनिया के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी एआई चैटबॉट ने ब्रिटेन के किसी कोर्ट में बहस के दौरान विरोधी पक्ष को दलीलों में धूल चटाई है. एआई चैटबॉट गारफील्ड ने केस जुड़े सभी दस्तावेज खुद तैयार किए और गवाहों के बयान दर्ज कराए थे.

Garfield AI:  क्लाइंट ने कोर्ट में AI को सौंपा केस, मशीन जीत गई, वकील देखता रह गया
ब्रिटेन में आई चैटबॉट ने पहली बार जीता कोर्ट केस
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First AI Lawyer Wins Court Case: आर्टिफिशियल इंटलीजेंस (AI) अब न्याय के मंदिर तक भी पहुंच चुका है. फोटो बनाने और कंटेट लिखने से इतर अब ब्रिटेन की एक अदालत में नई इबारत लिखी है. ब्रिटेन के एक लॉ फर्म की गारफील्ड एआई (Garfield AI) चैटबोट ने बाकायदा एक हांड-मांस के इंसान (Chatbot Beats Human Lawyer) को कोर्ट ट्रायल में हारकर आधुनिक और तकनीकी दुनिया में नया इतिहास रच दिया है. 

यह दुनिया में पहली बार होगा जब एक किसी एआई चैटबोट ने एक इंसानी वकील को हराकर कोर्ट में जीत हासिल की है. कानूनी दस्तावेज़ तैयार करने में सक्षम 'गारफील्ड AI'  चैटबॉट ने अपने क्लाइंट का प्रतिनिधित्व करते हुए लगातार 3 घंटे तक विरोधी पक्ष के इंसानी वकील से बहस किया और उसे हराकर करीब 9 लाख रुपए का केस जीत लिया.

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क्लाइंट को करीब 9 लाख रुपए की देनदारी से बचाया

फ्रीलांस ह्यूमन रिसोर्स (HR) एग्जीक्यूटिव टैमिरेस कैमल टैक्विडीर का प्रतिनिधित्व करते हुए गारफील्ड AI चैटबॉट ने 7,000 पौंड ( 8.79 लाख रुपए) के 'स्मॉल क्लेम कोर्ट' केस को जीता है. यह केस जीतने के लिए क्लाइंट टैक्विडीर को चैटबॉट को महज 50,252 रुपए चुकाने पड़े. क्लाइंट ने बकाया फीस को लेकर एक हॉस्पिटैलिटी बिज़नेस के खिलाफ़ मुकदमा किया था, जिसके लिए गारफील्ड AI चैटबॉट को 400 पौंड में हायर किया गया था.

 एआई चैटबॉट ने जीता कोर्ट केस

एआई चैटबॉट ने जीता कोर्ट केस
Photo Credit: Canva Library

गारफील्ड AI चैटबॉट ने केस जीतकर रचा कीर्तिमान

एक फ्रीलांस एचआर एग्जीक्यूटिव टैमिरेस कैमल टैक्विडीर ने एक हॉस्पिटैलिटी बिज़नेस पर करीब 9 लाख रुपए बकाया फ़ीस को लेकर मुकदमा लड़ने के लिए गारफील्ड AI चैटबॉट को हायर किया था. कोर्ट में केस का नेतृत्व करते हुए AI चैटबॉट ने केस जीतकर कीर्तिमान रच दिया. चैटबॉट ने केस के लिए महज लगभग 50 हजार रुपए चार्ज किए, जबकि इसके लिए अगर इंसानी वकील को हायर किया जाता तो क्लाइंट का लाखों खर्च होना तय था.

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गारफील्ड एआई चैटबॉट को पिछले साल अप्रैल में ब्रिटेन की सॉलिसिटर्स रेगुलेशन अथॉरिटी (SRA) से मंज़ूरी मिली थी. बताया जाता है कि एआई चैटबॉट ने खुद क्लाइंट के केस तैयार किए और कोर्ट में क्लाइंट की पैरवी के लिए एक बैरिस्टर को हायर किया. चैटबॉट ने ट्रायल से पूर्व सारा कानूनी काम किया, जिसमें 4 गवाहों के बयान और दस्तावेज़ शामिल थे.

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दलील सुनने के बाद कोर्ट ने AI के पक्ष में फैसला सुनाया

ट्रायल शुरू होने से ठीक पहले गारफील्ड ने 'वन एसेक्स कोर्ट' के एक जूनियर बैरिस्टर डोमिनिक ली को हायर किया. वैंड्सवर्थ काउंटी कोर्ट में तीन घंटे तक दोनों पक्षों के बैरिस्टरों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने गारफील्ड AI चैटबॉट द्वारा हायर बैरिस्टर के पक्ष में फैसला सुनाया और विरोधी पक्ष के दावे को खारिज कर दिया. जीत के बाद AI हायर्ड बैरिस्टर ने कहा, "मुझे ट्रायल के मकसद से तैयार किए गए दस्तावेज काफी ज़्यादा लगे."

विरोधी पक्ष के खिलाफ AI वकील ने जीता पहला ट्रायल

गारफील्ड एआई चैटबॉट (Garfield AI Law Firm) लॉ फर्म के को-फाउंडर फिलिप यंग ने लिंक्डइन पर किए पोस्ट में लिखा, "मुझे कानून और न्याय के क्षेत्र में एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. गारफील्ड AI ने अपना पहला ट्रायल जीत लिया है और वह भी इंसानी सॉलिसिटर्स के खिलाफ." यह किसी AI वकील द्वारा विरोधी पक्ष के खिलाफ़ जीता गया पहला ट्रायल था.

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फिलहाल, ब्रिटेन के लीगल प्रोफेशन में आर्टिफिशियल इंटलीजेंस (AI) का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो रहा है और इसके जरिए कानूनी सेवाएं देने वाली कई फर्म खुल गई हैं. गारफील्ड का AI वकील इसलिए आज सुर्खियों में है, क्योंकि पहली बार इस सिस्टम की मदद से सही दलीलों और डॉक्युमेंट कोर्ट में पेश किए गए.

क्या है गारफील्ड एआई?

गारफील्ड एआई एक लॉ चैटबॉट है, जिसके को-फाउंडर हैं फिलिप यंग (Philip Young). हैं. यह दुनिया की पहला ऐसा लॉ फ़र्म हैं, जिसे सिर्फ AI के जरिए कानूनी सेवाएं देने के लिए ब्रिटेन में अधिकृत किया गया है. यह पहली ऐसी फर्म भी है, जो सिर्फ AI के जरिए कानूनी मुकदमें लड़ती है और पारंपरिक लॉ फर्मों से इतर 'स्मॉल क्लेम्स कोर्ट' यानी £10,000 (12.5 लाख रुपए) तक के छोटे कर्ज के दावों को वसूलने में मदद करती है.

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