भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. कई लोगों के मन में यह सवाल भी है कि क्या AI आने वाले समय में आईटी कंपनियों की जरूरत कम कर देगा. इसी बीच इंफोसिस के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नंदन निलेकणी ने साफ कहा है कि AI, Infosys जैसी कंपनियों की जगह नहीं लेगा. उनका मानना है कि AI और मौजूदा सॉफ्टवेयर सिस्टम साथ मिलकर काम करेंगे और यहीं से सबसे ज्यादा वैल्यू और नए मौके निकलेंगे.
AI से खत्म नहीं होगा आईटी कंपनियों का रोल
इंफोसिस की 45वीं सालाना आम बैठक में नंदन निलेकणी ने कहा कि कस्टमर अपनी जरूरत के हिसाब से सॉफ्टवेयर बनाना ज्यादा पसंद करेंगे, बजाय इसके कि वे सीधे तैयार सॉफ्टवेयर खरीदें. ऐसे में Infosys जैसी कंपनियों के लिए और ज्यादा अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि AI मॉडल, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, API और दूसरे टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म की मांग बढ़ेगी, जहां आईटी कंपनियां अहम भूमिका निभाएंगी.
बड़ी कंपनियों में AI अपनाने की रफ्तार अभी धीमी
नंदन निलेकणी ने कहा कि बड़ी कंपनियों में AI को बड़े लेवल पर लागू करने और उसके रियम टाइम यूज के बीच अभी भी एक बड़ा अंतर है. Infosys इसी अंतर को कम करने पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि कंपनी अपने टॉप 200 में से करीब 90 फीसदी कस्टमर्स के साथ AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि 2030 तक AI बेस्ड सर्विसेज का मार्केट 300 से 400 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे इस सेक्टर में बड़ी संभावनाएं बनेंगी.
Infosys ने किए 96 बड़े डील
नंदन निलेकणी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए मजबूत प्रदर्शन वाला साल रहा. इस दौरान कंपनी ने 3.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की. उन्होंने बताया कि साल भर में Infosys ने 96 बड़े डील किए, जिनकी कुल वैल्यू 14.9 अरब डॉलर रही.
20 हजार से ज्यादा नए ग्रेजुएट्स को मिली नौकरी
निलेकणी ने बताया कि Infosys ने इस वित्त वर्ष में 20,000 से ज्यादा कॉलेज ग्रेजुएट्स की भर्ती की है. इसके साथ ही कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या 3.25 लाख से ज्यादा हो गई है. उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लगातार टैलेंट में निवेश कर रही है.
AI से हर साल 1 अरब डॉलर की कमाई
Infosys के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख ने भी AGM में AI कारोबार को लेकर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कंपनी का AI से जुड़ा सालाना रेवेन्यू करीब 1 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और इसमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है.
AI कोई खतरा नहीं, बल्कि इंफोसिस के लिए एक बड़ा मौका
नंदन निलेकणी का मानना है कि AI कंपनियों की जगह लेने नहीं आया है, बल्कि यह कारोबार के नए रास्ते खोलने वाला है. उन्होंने कहा कि जो कंपनियां AI को सही तरीके से अपनाएंगी और उसे अपने मौजूदा सिस्टम के साथ जोड़ेंगी, वही आने वाले समय में सबसे ज्यादा फायदा उठा पाएंगी. Infosys भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.
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