विज्ञापन

बिहार के GenZ का कमाल! समय रहते खोजी बड़ी खामी, लाखों लोगों की आधार और पेंशन डिटेल्स हो सकती थी लीक

बिहार महादलित विकास मिशन (BMVM) की वेबसाइट में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आई. रिपोर्ट के मुताबिक Aadhaar, PAN, बैंक अकाउंट और सरकारी अधिकारियों के डेटा तक पहुंच का खतरा था.

बिहार के GenZ का कमाल! समय रहते खोजी बड़ी खामी, लाखों लोगों की आधार और पेंशन डिटेल्स हो सकती थी लीक
  • बिहार सरकार की वेबसाइट में मिली बड़ी सुरक्षा खामी
  • Aadhaar और बैंक डेटा तक पहुंच का था खतरा
  • रिपोर्ट के बाद वेबसाइट की खामी कर दी गई ठीक

बिहार सरकार की एक आधिकारिक वेबसाइट में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आई है. जिसकी वजह से करोड़ों लोगों की संवेदनशील जानकारी खतरे में पड़ सकती थी. दावा किया गया है कि इस खामी का फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति Aadhaar नंबर, PAN, बैंक अकाउंट की जानकारी, पेंशन रिकॉर्ड, सरकारी अधिकारियों की लॉगिन आईडी और अन्य महत्वपूर्ण डेटा तक पहुंच सकता था. यह सुरक्षा खामी बिहार महादलित विकास मिशन (BMVM) की वेबसाइट में 21 वर्षीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर प्रशांत कुमार ने खोजी, जिसके बाद इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को दी गई. अच्छी बात है कि अब इस खामी को ठीक कर दिया गया है.

क्या है पूरा मामला?

इंडिया टुडे की एक रिपोरेट के अनुसार, बिहार महादलित विकास मिशन (BMVM) बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट है. इस पोर्टल का इस्तेमाल राज्य सरकार की विभिन्न लाभार्थी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं के लिए किया जाता है. ऐसे में अगर यह वेबसाइट हैक हो जाती, तो बड़ी संख्या में लोगों की निजी जानकारी गलत हाथों में जा सकती थी.

रिपोर्ट के मुताबिक वेबसाइट के डेटाबेस में Aadhaar नंबर, मोबाइल नंबर, PAN कार्ड की जानकारी और कई सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के बैंक अकाउंट नंबर तथा IFSC Code जैसी संवेदनशील जानकारी मौजूद थी.

कैसे मिली सुरक्षा खामी?

प्रशांत कुमार के मुताबिक वेबसाइट के Forgot Password पेज में SQL Injection से जुड़ी गंभीर कमजोरी थी. इसकी वजह से कोई भी व्यक्ति बिना लॉगिन किए सीधे वेबसाइट के डेटाबेस तक पहुंच सकता था.

रिपोर्ट में बताया गया है कि वेबसाइट पर SQL Injection से बचाव के लिए केवल Client Side Validation की गई थी, जबकि Server Side Validation मौजूद नहीं थी. इसी वजह से कोई भी व्यक्ति अपने स्तर पर Client Side सुरक्षा को हटाकर SQL कोड के जरिए डेटाबेस तक पहुंच सकता था. दावे के अनुसार इस कमजोरी का इस्तेमाल करके डेटाबेस को पढ़ा जा सकता था, उसमें बदलाव किया जा सकता था या फिर पूरा डेटा हटाया भी जा सकता था.

कौन-कौन सा डेटा था खतरे में?

रिपोर्ट के अनुसार वेबसाइट जिस डेटाबेस अकाउंट का इस्तेमाल कर रही थी, उसे सर्वर पर मौजूद 57 अलग-अलग डेटाबेस तक पहुंच हासिल थी.

इन डेटाबेस में भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की जानकारी, Aadhaar और PAN नंबर, कुछ मामलों में Plain Text Password, ड्राइवर ट्रेनिंग आवेदकों के पते, Aadhaar विवरण और परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड भी मौजूद थे.

AI Generated Image

AI Generated Image

इसके अलावा करीब 673 सरकारी अधिकारियों की लॉगिन आईडी तक पहुंच मिलने की आशंका जताई गई. इनमें जिला अधिकारी (District Magistrate) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (Block Development Officer) जैसे अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं. यदि इन क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल होता, तो वेबसाइट के एडमिन पैनल तक भी पहुंच बनाई जा सकती थी.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डेटाबेस में पेंशन, भूमि रिकॉर्ड, MGNREGA, मतदाता डेटा और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी मौजूद थी.

CERT-In को दी गई जानकारी

प्रशांत कुमार ने इस सुरक्षा खामी की जानकारी CERT-In को दी. इसके बाद उन्हें बताया गया कि मामले को संबंधित वेबसाइट की तकनीकी टीम के पास भेज दिया गया है. रिपोर्ट प्रकाशित होने तक वेबसाइट की इस सुरक्षा कमजोरी को ठीक कर दिया गया था.

हाल के वर्षों में सरकारी वेबसाइटों में सुरक्षा खामियों के कई मामले सामने आए हैं. इससे पहले CBSE की वेबसाइट में भी छात्रों ने बड़ी सुरक्षा कमियों का पता लगाया था. वहीं हाल ही में Bank of Baroda से जुड़े कथित डेटा लीक की खबरों ने भी डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है.

ये भी पढ़ें: WhatsApp में आ गए कई नए फीचर्स, बिना मोबाइल भी कर सकेंगे Audio-Video Call, यूजर्स की मौज!

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Bihar Government, Tech, Website, Hacker, Cyber ​​Alert
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com