विज्ञापन

इंदौर से नागपुर 6 घंटे में, बैतूल खंडवा फोरलेन से जुड़ेंगे अहमदाबाद, वड़ोदरा, MP-महाराष्ट्र-गुजरात की लाइफलाइन

Betul-Khandwa Four-lane Highway: बैतूल खंडवा फोरलेन हाईवे इंदौर और नागपुर का सफर महज 6 घंटे में पूरा कराएगा. इस प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश की गुजरात और महाराष्ट्र तक कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी.

इंदौर से नागपुर 6 घंटे में, बैतूल खंडवा फोरलेन से जुड़ेंगे अहमदाबाद, वड़ोदरा, MP-महाराष्ट्र-गुजरात की लाइफलाइन
बैतूल खंडवा फोरलेन
  • बैतूल से खंडवा के बीच बनने वाला फोरलेन हाईवे एमपी की महाराष्ट्र-गुजरात से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा.
  • इस हाईवे के बनने से इंदौर और नागपुर के बीच का सफर भी आसान होने वाला है.
  • इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है. जल्द ही इस पर काम शुरू होने वाला है.

बैतूल से खंडवा के बीच फोरलेन प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है. यह प्रोजेक्ट इंदौर और नागपुर के बीच की दूरी को बेहद कम कर देगा. दोनों शहरों के बीच का सफर 6 घंटे में पूरा हो जाएगा. यह परियोजना बैतूल-खंडवा-वडोदरा कॉरिडोर का हिस्सा है, जिससे मध्य प्रदेश की गुजरात और महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी. इस फोरलेन के बनने से नागपुर, जलगांव, भुसावल, अकोला, वाशिम, हिंगोली, नांदेड़ जैसे शहर कनेक्ट होंगे. वहीं गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा जैसे बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. इसलिए यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के लिए अहम है, क्योंकि आने वाले समय में यह प्रदेश के लिए गेमचेंजर बनेगा. 

इंदौर से नागपुर का सफर 6 घंटे में होगा

बैतूल से खंडवा फोरलेन बनने से सबसे बड़ा फायदा इंदौर नागपुर रूट पर होगा. केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट दस्तावेज में इस कॉरिडोर को इंदौर और नागपुर एयरपोर्ट, इंदौर के मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और बैतूल-खंडवा के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जोड़ने वाली कड़ी बताया गया है. इंदौर से पहले सीधे बैतूल तक का सफर होगा. इसके बाद बैतूल से नागपुर का सफर तय किय जाएगा. पहले इंदौर से नागपुर जाने में 13 से 14 घंटे का समय लगता था. क्योंकि पूरा रूट 2 लेन हाईवे था. यह नया मार्ग सीधे नेशनल NH-47, NH-753 और NH-52 जैसी बड़ी सड़कों को आपस में इंटरलिंक करदेगा. इंदौर से हरदा-बैतूल होते हुए नागपुर जाने वाले ट्रैफिक को इस अपग्रेडेशन से सीधी मदद मिलेगी. इस फोरलेन के बनने से पूरा मार्ग एक्सप्रेसवे में अपग्रेड हो जाएगा. जिससे इंदौर से नागपुर का सफर 6 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा. इसलिए इंदौर से नागपुर और दक्षिण भारत के बीच का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा. 

एमपी की गुजरात और महाराष्ट्र तक कनेक्टिविटी

  • मध्य प्रदेश: बैतूल खंडवा फोरलेन हाईवे से इंदौर, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी जैसे शहर सीधे कनेक्ट हो जाएंगे. 
  • महाराष्ट्र: नागपुर, जलगांव, भुसावल, अकोला, वाशिम, हिंगोली और नांदेड़ जैसे शहरों के लिए भी राह आसान हो जाएगी. 
  • गुजरात: इस प्रोजेक्ट से एमपी के खंडवा का सीधा कनेक्शन अहमदाबाद, वड़ोदरा जैसे बड़े शहरों से भी हो जाएगा. 
Latest and Breaking News on NDTV

मध्य प्रदेश के शहरों को फायदा

यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के भीतर एक मजबूत कनेक्टिविटी जाल तैयार करेगा, क्योंकि इससे एमपी के कई बड़े शहर आपस में कनेक्ट होंगे. बैतूल, छिंदवाड़ा और नागपुर की तरफ से आने वाला ट्रैफिक खंडवा होते हुए इंदौर और भोपाल की तरफ बेहद आसानी से और कम समय में पूरा किया जा सकेगा. खंडवा, खरगोन और बड़वानी: निमाड़ अंचल के ये तीनों प्रमुख जिले इस हाईवे के जरिए सीधे बैतूल और छिंदवाड़ा से कनेक्ट हो जाएंगे. 

सिंहस्थ-2028 में भी फायदा

बैतूल-खंडवा-जुलवानिया फोरलेन से मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ की कनेक्टिविटी भी मजबूत हो जाएगी. उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के आयोजन के हिसाब से यह प्रोजेक्ट अहम साबित होगा. क्योंकि उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और खंडवा जिले के मंधाता में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच भारी ट्रैफिक को सुचारू रूप से प्रबंधित करने में मदद करेगा. जिससे सिंहस्थ में महाराष्ट्र और गुजरात की तरफ से आने वाले यात्रियों को इस फोरलेन का फायदा होगा. इसलिए यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा.

बैतूल-खंडवा फोरलेन को केंद्र की मंजूरी 

बैतूल से खंडवा के बीच बनने वाले इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने जून 2026 में मंजूरी दे दी है. इस परियोजना के लिए 4415.60 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. जिसकी कुल दूरी 233.653 किलोमीटर होगी. फिलहाल इसे 4 लेन में विकसित किया जाएगा. जबकि भविष्य में इसे 6 लेन बनाने की योजना है. ताजा अपडेट के मुताबिक नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जा रही है. जिसे मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा. जनवरी 2027 से इसका काम शुरू होने की संभावना है. खास बात यह है कि सभी ब्लैक स्पॉट्स खत्म होंगे, जिससे गाड़ियां 100 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी. वर्तमान में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2029 के अंत तक या 2030 की शुरुआत में यह हाईवे पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा. 

ये भी पढे़ंः रायपुर से रांची 7 घंटे में, बिलासपुर, बोकारो, धनबाद तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी, छत्तीसगढ़ से जुड़ेंगे 3 बड़े राज्य

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
MP Expressway, Mp Expressway Project, Indore Expressway, Mp Highway, MP Highway Project
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com