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साइबर फ्रॉड होते ही सबसे पहले डायल करें ये नंबर, मिल जाएंगे अकाउंट से कटे पैसे

अगर आपके साथ कभी साइबर फ्रॉड हो जाता है तो आपको बस एक चार अंकों का फोन नंबर याद रखना है. इस पर कॉल करके आप साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.

साइबर फ्रॉड होते ही सबसे पहले डायल करें ये नंबर, मिल जाएंगे अकाउंट से कटे पैसे

Cyber Fraud के मामले तेजी से देशभर में बढ़ रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि आप बस एक कॉल करके साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. इससे साइबर फ्रॉड होने के बाद आपके पैसे मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी. यहां पर आपको दो तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप साइबर फ्रॉड को फौरन रिपोर्ट कर सकते हैं.

पैसे कटते ही सबसे पहले 1930 पर कॉल करें

अगर आपके बैंक अकाउंट से धोखाधड़ी के जरिए पैसे निकल गए हैं, तो सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें. इस हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद लेनदेन को फ्रीज करने के प्रोसेस को शुरू किया जा सकता है. कॉल के बाद आपको SMS के जरिए एक रेफरेंस नंबर मिलता है. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करते समय इसी नंबर की जरूरत पड़ सकती है. सबसे जरूरी बात है कि पैसे जाने के तुरंत बाद 1930 पर कॉल करें. देरी होने पर रकम को दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा सकता है और उसे वापस पाने में मुश्किल हो सकती है.

ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?

1930 पर कॉल करने के बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है. इसके लिए आपको पोर्टल पर File a Complaint ऑप्शन चुनकर मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद शिकायत की कैटेगरी में फाइनेंशियल फ्रॉड के ऑप्शन को सेलेक्ट. फिर साइबर ठगी का टाइम, कितने पैसे गंवा दिए, ठगी का तरीका क्या था जैसी जरूरी डिटेल्स भरनी होंगी. शिकायत दर्ज करने के बाद एक कंप्लेंट आईडी मिलेगी. इसे सुरक्षित अपने पास रख लें. इसका इस्तेमाल कर आप अपनी शिकायत को ट्रैक कर सकते हैं.

शिकायत दर्ज करवाते समय ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार

शिकायत दर्ज करवाते समय आपको कुछ डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए. इससे आप जल्दी और आसानी से शिकायत दर्ज करवा पाएंगे. आपके पास जिस बैक अकाउंट से फ्रॉड हुआ है उसका बैंक स्टेटमेंट होना जरूरी है. इसमें फ्रॉड वाला ट्रांजैक्शन साफ-साफ ट्रांजैक्शन पर दिखना चाहिए. इसके अलावा  मैसेज या संदिग्ध लिंक के स्क्रीनशॉट रखें. अगर ठगी UPI के जरिए हुई है तो UPI ट्रांजैक्शन ID या रेफरेंस नंबर का होना भी जरूरी है. वेरिफिकेशन के लिए आप अपने पास आधार नंबर रख सकते हैं. इसके अलावा  बैंक अकाउंट से जुड़ा मोबाइल नंबर होना चाहिए.

शिकायत का स्टेटस ऐसे करें चेक

ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के बाद आप नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर Track Your Complaint ऑप्शन से शिकायत का स्टेटस देख सकते हैं. इसके लिए शिकायत दर्ज करते समय मिले Acknowledgement Number की जरूरत होगी. पोर्टल पर ये भी पता चल सकता है कि शिकायत फिलहाल किस एजेंसी के पास है.

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