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अजय ने अंजान शख्स को लौटाए 8400 रुपये और फ्रीज हो गया अकाउंट, जानें आपके साथ ऐसा हुआ तो क्या करें

बैंक ट्रांसफर और UPI के जरिए साइबर ठग पैसे भेजकर लोगों से ठगी कर रही है. जबकि संदिग्ध अकाउंट में पैसे भेजने से आपका अकाउंट फ्रीज हो सकता है. ऐसे में आपको क्या करना चाहिए.

अजय ने अंजान शख्स को लौटाए 8400 रुपये और फ्रीज हो गया अकाउंट, जानें आपके साथ ऐसा हुआ तो क्या करें
अकाउंट फ्रीज होने पर क्या करें.
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स
  • क्या है रॉन्ग ट्रांसफर साइबर क्राइम जिससे किया जा रहा फ्रॉड.
  • शख्स ने 8400 रुपये वापस लौटाए और हो गया अकाउंट फ्रीज.
  • अकाउंट फ्रीज होने पर आपको तुरंत कौन से कदम उठाने चाहिए.

डिजिटल बैंकिंग और UPI का इस्तेमाल मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रहा है. क्योंकि यह लेन-देन के काम को आसान बना देता है. लेकिन साइबर ठगी भी इस वजह से काफी बढ़ गई है. साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को फंसाते हैं. अब तो मदद करने की भावना का भी साइबर ठग फायदा उठा रहे हैं. इसी मदद की भावना में धोखा खाए अजय नाम के सख्स ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती बताई है, जिसमें उसने नए Wrong Transfer Cyber Crime के बारे में बताया है.

क्या है पूरा मामला?

अजय के मुताबिक, एक सुबह उनके बैंक खाते में किसी अनजान शख्स द्वारा अचानक 8,400 रुपये ट्रांसफर किए गए. इसके तुरंत बाद उस व्यक्ति का फोन आया और उसने इसे 'गलती से हुआ ट्रांसफर' बताते हुए पैसे वापस लौटाने की गुहार लगाई. अजय ने मदद सोच कर फौरन आए हुए 8,400 रुपये उस शख्स को वापस भेज दिए.

लेकिन असली झटका दोपहर तक लगा, जब अजय का बैंक अकाउंट पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया. खाते में उनके अपने जमा 25,000 रुपये भी फंस गए और वे अपने ही पैसों के लिए बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए. बैंक से संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि कुछ संदिग्ध एक्टिविटी की वजह से अकाउंट को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया है और जांच के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी. उन्हें फिर से KYC आवेदन जमा करने को कहा गया है.

अजय ने इस बारे में अपनी राय बताते हुए कहा कि आज से मैंने अपने लिए एक नियम बना लिया है कि अनजान खाते से पैसा आए और सामने वाला कितना भी जल्दी करने को कहे, पहले बैंक से पुष्टि करूंगा. क्योंकि हर 'गलती से आया पैसा सिर्फ गलती नहीं हो सकता'. और हां, ईमानदारी अच्छी चीज है, लेकिन बैंकिंग के मामले में ईमानदारी के साथ थोड़ी सावधानी भी जरूरी है.

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साइबर ठग कैसे बनाते हैं शिकार?

साइबर अपराधी अक्सर चोरी या धोखाधड़ी किए गए पैसों को मासूम लोगों के बैंक खातों में जानबूझकर भेजते हैं. इसके बाद वह फोन करके पैसे वापस मांगते हुए गिर गिराते हैं, जैसे ही आप पैसे अपने मुख्य खाते से किसी अन्य UPI ID या खाते में भेजते हैं. वहीं वह शख्स पहले ही संदिग्ध होता और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज होती है. पुलिस उसके अकाउंट को फ्रिज कर देता है जिससे उसके अकाउंट में पैसा भेजा जाता है, यानी जांच के दौरान जिस-जिस खाते में वह पैसा गया होता है, साइबर सेल उन सभी खातों को फ्रीज कर देती है.

आपके साथ ऐसा हो तो तुरंत क्या करें?

  • आपको सबसे पहले तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए. अगर अकाउंट में अनजान पैसे आए हैं, तो उसे खुद से कभी वापस न भेजें. अपने बैंक की नजदीकी शाखा या कस्टमर केयर को तुरंत सूचित करें.
  • अकाउंट फ्रीज होने पर अपना KYC और दस्तावेज बैंक में जमा करवाएं. वेरिफिकेशन के बाद आपका अकाउंट ओपन कर दिया जा सकता है.
  • आपका अकाउंट फ्रीज हो जाए तो तुरंत साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराएं. आप नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं.
  • आप किसी भी अनजान लेनदेन का स्क्रीनशॉट, मैसेज और कॉल रिकॉर्ड संभालकर रखें ताकि पुलिस जांच में मदद मिल सके.

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