- बीकानेर-कोटपूतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राजस्थान की NCR से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा.
- दिल्ली और नोएडा तक का सफर बीकानेर से बेहद आसान और सुगम हो जाएगा.
- राजस्थान का यह मेगा एक्सप्रेसवे ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा.
बीकानेर से दिल्ली-नोएडा जाने में पहले 10 से 11 घंटे का समय लगता था, लेकिन अब दोनों शहरों के बीच का सफर महज 6 घंटे में पूरा होना वाला है. राजस्थान की बीकानेर-कोटपूतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सड़क परियोजना से एनसीआर की कनेक्टिविटी में मेजर चेंज आने वाला है. राजस्थान सरकार के बजट में प्रस्तावित हुआ इस एक्सप्रेसवे की डीपीआर तैयार होने वाली है, जिसके बाद इसका काम शुरू हो सकता है. इस हाईवे के बनने से राजस्थान के बीकानेर से कोटपूतली के बीच भी हाईस्पीड कनेक्टिविटी होने वाली है. इस एक्सप्रेसवे का मुख्य उदेश्य बीकानेर संभाग को सीधे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानि NCR से जोड़ने पर है. जिससे राजस्थान के ग्रामीण इलाके भी सीधे हरियाणा से होते हुए दिल्ली से जुड़ जाएंगे. ऐसे में दोनों राज्यों के लोगों आने जाने में बड़ा फायदा होगा और समय की बचत होगी.
बीकानेर से दिल्ली-नोएडा का सफर होगा आसान
बीकानेर से दिल्ली नोएडा जाने के लिए अभी पुराने राजमार्गों से होकर जाना पड़ता है. अभी बीकानेर से फतेहपुर, रोहतक से होते हुए दिल्ली नोएडा तक जाते हैं. जहां ट्रैफिक जाम और सिंगल-लेन पैच की वजह से सफर धीमा होता है. ऐसे में दिल्ली की 440 और नोएडा की 470 किलोमीटर की दूरी तय करने में 10 से 11 घंटे का समय लगता है. लेकिन बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेसवे के चालू होने से सीधे 50 किलोमीटर की दूरी कम होगी. यहां कोटपूतली पहुंचने के बाद आप सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिकंक्स या केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिए नोएडा और दिल्ली में एंट्री कर सकेंगे. इस 6-लेन हाईवे को 120 किलोमीटर प्रतिघंटा का रफ्तार से गाडि़यां दौड़ सकेगी. जिससे यह सफर 6 घंटे में पूरा होगा. इसलिए यह एक्सप्रेसवे बीकानेर और कोटपूतली के लिए अहम माना जा रहा है.
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बीकानेर से कोटपुतली का सफर 3 घंटे में होगा
वहीं राजस्थान में बीकानेर से कोटपुतली का सफर भी 6 घंटे से घटकर 3 घंटे पर आ जाएगा. 295 किलोमीटर का यह मेगा हाईवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड होगा. जहां यात्रियों को किसी दूसरे शहर के ट्रैफिक में नहीं फंसना होगा. अगर आप बीकानेर से कोटपुतली नॉनस्टाप सफर करते हैं तो महज 3 घंटे में दोनों शहरों की दूरी पूरी कम हो जाएगी. क्योंकि अभी 340 किलोमीटर की दूरी दोनों शहरों के बीच है, इस हाईवे के बनने के बाद 45 किलोमीटर की कमी आएगी, जिससे सफर आसान होगा.
राजस्थान के मेगा एक्सप्रेसवे का रूट मैप
- बीकानेर
- लक्ष्मणगढ़
- रींगस
- नीमकाथाना
- कोटपूतली
295 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे राजस्थान के पांच जिलों के कवर करते हुए कई बड़े शहरों से गुजरेगा. यह बीकानेर शहर के बाहरी हिस्से जयपुर बाईपास से शुरू होगा और सीकर जिले में एंट्री कर लक्ष्मणगढ़ और रींगस से होते हुए नीमकाथाना जिले के खंडेला और पाटन से गुजरता हुआ आगे बढ़ेगा. यहां से यह कोटपूतली-बहरोड़ जिला में एंट्री करेगा और कोटपूतली शहर के पनियाला में जाकर समाप्त होगा. ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होने की वजह से सीकर, नीमकाथाना और फतेहपुर जैसे शहरों के ट्रैफिक में गाड़ियों को नहीं फंसना होगा. इसलिए यह प्रोजेक्ट राजस्थान के लिए अहम माना जा रहा है.
बीकानेर दिल्ली-नोएडा का रूट
- बीकानेर
- कोटपुतली
- दिल्ली-जयपुर हाईवे
- गुरुग्राम (हरियाणा)
- नई दिल्ली
- नोएडा
NHAI तैयार कर रहा DPR
बीकानेर-कोटपूतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पहले राजस्थान सरकार ही बनाने वाली थी. लेकिन वित्तीय और तकनीकी कारणों से अब इसे राष्ट्रीय राजमार्ग NHAI के सौंप दिया गया है. जिसके बाद NHAI इसकी DPR तैयार करने वाली है. जिसके लिए बोलियां खोल दी गई हैं. राजस्थान के कई बड़े फर्में इसका टेंडर लेने की दौड़ मे हैं. सीकर और नीमकाथाना जिलों के चिन्हित गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सरकार और एनएचआई की संयुक्त योजना के तहत राजस्थान का यह मेगा एक्सप्रेसवे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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