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सतनाम सिंह: हैंडबॉल से शुरू हुआ करियर, एक सलाह ने बदला पूरा करियर,आज एशियन गेम्स में रचा इतिहास

सतनाम सिंह ने सलमान के साथ मिलकर भारत को गुरुवार की सुबह दिन का पहला मेडल दिलाया. दोनों ने रोइंग में पुरुषों की डबल स्कल्स में ब्रॉन्ज अपने नाम किया.

सतनाम सिंह: हैंडबॉल से शुरू हुआ करियर, एक सलाह ने बदला पूरा करियर,आज एशियन गेम्स में रचा इतिहास
सतनाम सिंह: हैंडबॉल से शुरू हुआ करियर, एक सलाह ने बदला पूरा करियर

भारतीय रोवर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स में 6:13.25 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि बलराज पंवार गुरुवार को नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स में पुरुषों की एकल स्कल्स के फाइनल में मेडल से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे. सतनाम और सलमान ने 6:13.25 सेकंड का समय लेकर चीन के जुडी यी और यिदे नी के बाद तीसरा स्थान हासिल किया. चीन के जुडी यी और यिदे नी ने 6:09.77 सेकंड के साथ गोल्ड जीता, जबकि उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक ममातकुलोव ने 6:10.49 सेकंड में सिल्वर मेडल जीता.

1000 मीटर के बाद, यानी आधी दूरी पूरी होने पर, भारतीय जोड़ी उज्बेकिस्तान और चीन के बाद ब्रॉन्ज मेडल की पोजीशन पर थी. फिर वे 500 मीटर बाकी रहते दूसरे नंबर पर आ गए, लेकिन आखिरी चरण में उनसे आगे निकल गए और रेस तीसरे स्थान पर खत्म की. यह एशियन गेम्स में सतनाम का दूसरा मेडल है. 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स क्रू का हिस्सा रहते हुए उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था.

कौन हैं सतनाम सिंह?

अपने करियर की शुरुआत में सतनाम हैंडबॉल के खिलाड़ी थे और वो नेशनल लेवल पर खेलते थे. ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क ने सतनाम की शारीरिक क्षमता को पहचाना और उन्हें रोइंग में करियर बनाने के लिए  प्रोत्साहित किया. इसके बाद 2018 में भारतीय सेना के जवान ने रोइंग में अपना करियर शुरू किया. उनका यह बदलाव जल्द ही एक करियर में बदल गया.

पंजाब के मानसा ज़िले के रहने वाले सतनाम ने 2018 यूथ ओलंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां वे पुरुषों की पेयर इवेंट में आठवें स्थान पर रहे. बाद में उन्होंने भारत के प्रमुख रोअर्स में अपनी जगह बनाई और 40वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में पुरुषों का सिंगल स्कल्स का खिताब जीता. ऐसा करने वाले वे भारतीय नौसेना के पहले रोअर बने.

सतनाम ने अपना पहला एशियाई खेलों का मेडल 2023 में हांगझोऊ में जीता, जब वे भारत की पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स टीम का हिस्सा थे और टीम ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था. उन्होंने 2025 में और भी इंटरनेशनल सफलता हासिल की, जब उन्होंने वियतनाम में एशियाई रोइंग चैंपियनशिप में पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स में गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने इंडोर एशियाई चैंपियनशिप में पुरुषों की डबल स्कल्स में सिल्वर मेडल भी जीता. आइची-नागोया में सलमान के साथ उनकी जोड़ी तब बनी जब भारत की रोइंग टीम में आखिरी समय में बदलाव किए गए.

शुरुआत में सतनाम और सलमान पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें डबल स्कल्स में भेज दिया गया, जबकि दूसरे रोअर्स को अलग-अलग इवेंट्स में भेजा गया. ये बदलाव रोइंग प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले ही किए गए थे, जिससे भारतीय टीम के सदस्यों में निराशा हुई. दोनों ने जल्दी ही अपनी नई जोड़ी के साथ तालमेल बिठा लिया. सतनाम के लिए यह एशियाई खेलों का एक और मेडल था. सलमान के लिए यह पहला मेडल था. भारतीय रोइंग के लिए, पुरुषों की डबल स्कल्स में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी.

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