- जमुई कांड के आरोपी की मां की भावुक अपील, ‘मेरे बेटे की जान मत लीजिए’
- मुठभेड़ में घायल नंदन यादव की मां बोलीं, अभी तक नहीं हुई मुलाकात
- गर्भवती बहू को हिरासत में लेने का आरोप, आरोपी परिवार का बड़ा दावा
बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और बदसलूकी के चर्चित मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव की मां का बयान सामने आया है. उन्होंने प्रशासन से अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि उसे जेल में रखा जाए, लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाए. इस बीच मामले की जांच तेज हो गई है और पुलिस पहले ही कई आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई कर चुकी है. दूसरी ओर मां ने पुलिस कार्रवाई, परिवार की स्थिति और अपने बेटे के बारे में कई बातें साझा की हैं.
‘मेरे बेटे को कुछ नहीं होना चाहिए'
मुख्य आरोपी नंदन यादव की मां ने कहा कि प्रशासन उनके बेटे को गिरफ्तार कर जेल में रख सकता है, लेकिन उसकी जान नहीं ली जानी चाहिए. उन्होंने कहा, "जेल में मेरे बेटे को बढ़िया से रखिए. अगर मेरे बेटे को कुछ हो जाएगा तो जमुई पुलिस को इसका जवाब देना होगा. मेरी प्रशासन से यही मांग है कि मेरे बेटे को कुछ नहीं होना चाहिए."
मां बोलीं- ट्रक में खलासी का काम करता था
जब उनसे नंदन यादव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह ज्यादातर समय घर से बाहर रहता था और ट्रक में खलासी का काम करता था. उनके अनुसार धान कटाई के समय वह घर आया था और कुछ दिनों बाद वापस जाने वाला था, लेकिन इसी बीच यह मामला सामने आ गया और उसकी गिरफ्तारी हो गई. उन्होंने कहा कि उन्हें उसके दोस्तों या उसके साथ उठने-बैठने वाले लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
नंदन यादव की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें और उनकी गर्भवती बहू को भी अपने साथ ले गई थी. उनका कहना है कि उनकी बहू नौ महीने की गर्भवती है, फिर भी उसे तीन दिन तक पुलिस अपने साथ रखे रही. उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनकी बहू की स्थिति, खान-पान और जरूरतों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया.
‘अब तक बेटे से मुलाकात नहीं हुई'
मां ने बताया कि अभी तक उनकी बेटे से मुलाकात नहीं कराई गई है. उनके अनुसार पुलिस ने कहा कि जब नंदन जेल जाएगा तब मुलाकात हो सकेगी. उन्होंने कहा कि परिवार बेहद गरीब है और उनका बेटा खेती-बाड़ी, पशुपालन और मजदूरी जैसे काम करके घर चलाने में मदद करता था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा किसी ऐसी घटना में शामिल होगा.
‘बालू माफिया से कोई संबंध नहीं'
नंदन यादव की मां ने यह भी कहा कि उनके बेटे का किसी बालू माफिया या अवैध कारोबार से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनका कोई बड़ा सहारा नहीं है और वे साधारण ग्रामीण परिवार से आते हैं.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 19 सितंबर की शाम जमुई टाउन थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ इलाके का है. आरोप है कि कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग छात्र और छात्रा को स्कूटी से जाते समय 6-7 युवकों ने रोक लिया. इसके बाद उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया था.
SIT कर रही है जांच
पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर करीब सात आरोपियों की पहचान की है. तीन नाबालिग आरोपियों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है. मामले में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) पूरे मामले की जांच कर रहा है.
मुठभेड़ में घायल हुआ था नंदन यादव
मुख्य आरोपी नंदन यादव हाल ही में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ था. पुलिस के अनुसार उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है.
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