- भारत के निराशाजनक प्रदर्शन की 'संपूर्ण समीक्षा' शुरू
- खेल मंत्री ने प्रत्येक एथलीट को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखे
- पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था 'टास्क फोर्स' का गठन
नई दिल्ली:
खेल मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने रियो ओलिंपिक में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन की 'संपूर्ण समीक्षा' शुरू कर दी है और उसने इस खेल महाकुंभ में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से उनकी प्रतिक्रिया और सुझाव भी मांगे हैं.
पिछले महीने दो हफ्ते तक चले इस महाकुंभ में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, उसके लिए सिर्फ पीवी सिंधु बैडमिंटन में रजत और साक्षी मलिक कुश्ती में कांस्य पदक हासिल कर सकी थीं. इससे बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों के बीते प्रदर्शन को देखने और इसका आकलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा.
मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा, "खेल मंत्री विजय गोयल ने मंत्रालय के अंदर ही भारत के रियो ओलिंपिक 2016 में प्रदर्शन की संपूर्ण समीक्षा कराने का फैसला किया. " इसके अनुसार, "खेल मंत्री ने रियो ओलंपिक में भाग लेने वाले प्रत्येक एथलीट को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखे, उनसे उनकी प्रतिक्रिया और सुझाव मांगे. उन्होंने साथ ही लिखा कि खिलाड़ी उन्हें किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या मेल के जरिये अपने सुझाव और प्रतिक्रिया देने के लिए स्वतंत्र महसूस करें. "
विज्ञप्ति के अनुसार, "इस पत्र में मंत्री ने उनसे और ज्यादा बेहतरीन प्रदर्शन करने पर जोर दिया है ताकि विश्व स्तरीय एथलीटों का पूल बनाया जा सके और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके. " रियो ओलंपिक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले तीन ओलिंपिक को ध्यान में रखते हुए एक 'टास्क फोर्स' गठित करने की भी घोषणा की थी.
गोयल के विभाग ने विज्ञप्ति लिखा, "मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को भी रियो ओलिंपिक में भारत के प्रदर्शन की प्रतिक्रिया सौंपने और भविष्य में प्रदर्शन में सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों को बताने के लिए लिखा है." इसके अनुसार, "इस तरह की प्रतिक्रिया राष्ट्रीय खेल महासंघों से भी मांगी गई है. खेल मंत्री इस संदर्भ में आईओए और राष्ट्रीय खेल महासंघ से विस्तृत चर्चा के लिए बैठक भी करेंगे." जांच के लिए मंत्रालय के अधिकारी साई के कुछ केंद्रों का भी दौरा करेंगे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले महीने दो हफ्ते तक चले इस महाकुंभ में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, उसके लिए सिर्फ पीवी सिंधु बैडमिंटन में रजत और साक्षी मलिक कुश्ती में कांस्य पदक हासिल कर सकी थीं. इससे बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों के बीते प्रदर्शन को देखने और इसका आकलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा.
मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा, "खेल मंत्री विजय गोयल ने मंत्रालय के अंदर ही भारत के रियो ओलिंपिक 2016 में प्रदर्शन की संपूर्ण समीक्षा कराने का फैसला किया. " इसके अनुसार, "खेल मंत्री ने रियो ओलंपिक में भाग लेने वाले प्रत्येक एथलीट को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखे, उनसे उनकी प्रतिक्रिया और सुझाव मांगे. उन्होंने साथ ही लिखा कि खिलाड़ी उन्हें किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या मेल के जरिये अपने सुझाव और प्रतिक्रिया देने के लिए स्वतंत्र महसूस करें. "
विज्ञप्ति के अनुसार, "इस पत्र में मंत्री ने उनसे और ज्यादा बेहतरीन प्रदर्शन करने पर जोर दिया है ताकि विश्व स्तरीय एथलीटों का पूल बनाया जा सके और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके. " रियो ओलंपिक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले तीन ओलिंपिक को ध्यान में रखते हुए एक 'टास्क फोर्स' गठित करने की भी घोषणा की थी.
गोयल के विभाग ने विज्ञप्ति लिखा, "मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को भी रियो ओलिंपिक में भारत के प्रदर्शन की प्रतिक्रिया सौंपने और भविष्य में प्रदर्शन में सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों को बताने के लिए लिखा है." इसके अनुसार, "इस तरह की प्रतिक्रिया राष्ट्रीय खेल महासंघों से भी मांगी गई है. खेल मंत्री इस संदर्भ में आईओए और राष्ट्रीय खेल महासंघ से विस्तृत चर्चा के लिए बैठक भी करेंगे." जांच के लिए मंत्रालय के अधिकारी साई के कुछ केंद्रों का भी दौरा करेंगे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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