- राम नाथ कोविंद का जन्म कानपुर देहात जिले के परौंख गांव में एक कोली परिवार में हुआ था.
- रामनाथ कोविंद साल 1991 में बीजेपी में शामिल हुए थे.
- आत्मकथा में गहराई से कोविंद की शानदार जीवन यात्रा का व्यक्तिगत विवरण मिलेगा.
नई दिल्ली: कानपुर देहात के एक छोटे गांव में जन्म लेने वाले रामनाथ कोविंद ने देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद संभाला. कोविंद ने साल 2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में काम किया. राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने 2015 से 2017 तक बिहार के राज्यपाल और उत्तर प्रदेश से लगातार दो कार्यकाल तक राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया. अपने इस सफर में कोविंद के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए. उनके जीवन के बारे में और उनके स्ट्रगल्स ‘‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स'' में सामने आएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ऑटोबायोग्राफी का विमोचन करेंगे.
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि आत्मकथा का विमोचन भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे जाने-माने व्यक्तित्वों में से एक के जीवन और योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा. आत्मकथा में गहराई से कोविंद की शानदार जीवन यात्रा का व्यक्तिगत विवरण मिलेगा जिसमें प्रारंभिक वर्षों से लेकर उनके विशिष्ट सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रपति के रूप में उनकी सेवा तक के अनुभव, संघर्षों और सफलताओं का उल्लेख शामिल हैं. यह पुस्तक उन मूल्यों, अनुभवों और परिस्थितियों के बारे में बताती है जिन्होंने कोविंद की जीवन यात्रा और लोक सेवा को आकार दिया.
1991 में बीजेपी में शामिल हुए थे कोविंद
राम नाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के परौंख गांव में एक कोली परिवार में हुआ था. वे 1991 में बीजेपी में शामिल हुए और बाद में 1998 से 2002 के बीच बीजेपी दलित मोर्चा के प्रमुख और 'ऑल-इंडिया कोली समाज' के अध्यक्ष बने. बीजेपी में शामिल होने के कुछ समय बाद कोविंद ने घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए. बाद में 2007 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर भोगनीपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन फिर हार गए. अप्रैल 1994 में वे उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए. उन्होंने मार्च 2006 तक लगातार दो कार्यकाल यानी कुल 12 साल तक सेवा की.
2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में किया कार्य
उन्होंने 2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया. वे उत्तर प्रदेश और बीजेपी से आने वाले ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद संभाला. राष्ट्रपति बनने से पहले, उन्होंने 2015 से 2017 तक बिहार के राज्यपाल और उत्तर प्रदेश से लगातार दो कार्यकाल तक राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया.
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