- सागर-सतना एक्सप्रेसवे 227 किलोमीटर का होगा. जिसका DPR आखिरी चरण में है.
- इस एक्सप्रेसवे के बनने से बुंदेलखंड और विंध्य आपस में और कनेक्ट हो जाएंगे.
- इस प्रोजेक्ट से भोपाल से रीवा, सतना, प्रयागराज, बनारस जैसे शहरों की दूरी कम हो जाएगी.
मध्य प्रदेश में सागर सतना एक्सप्रेसवे का डीपीआर लगभग तैयार हो चुका है. ऐसे में बुंदेलखंड और विंध्य के बीच बनने वाले इस प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है. 9850 करोड़ की अनुमानित लागत वाला यह 4-लेन हाईवे केवल दो शहरों के बीच की दूरी को कम नहीं करेगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सुपरफास्ट स्पीड देगा. जिससे भोपाल और सागर जैसे शहर सतना, रीवा, प्रयागराज, बनारस, मिर्जापुर जैसे बड़े शहरों से और तेजी से कनेक्ट होंगे. मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) की तरफ से DPR का काम आखिरी चरणों में है. एमपी सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट को पहले ही हरी झंडी मिली चुकी है. सागर और सतना के बीच की दूरी में भी गेंमचेंजर फर्क आएगा. दोनों शहरों के बीच की दूरी 73 किलोमीटर तक कम हो जाएगी.
भोपाल से जुड़ेंगे रीवा, प्रयागराज, बनारस
सागर-सतना एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा फायदा भोपाल को होने वाला है. क्योंकि भोपाल की उत्तर प्रदेश से कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी. भोपाल से सागर के बीच फोरलेन एक्सप्रेसवे है. ऐसे में आगे सतना तक एक्सप्रेसवे बनने से भोपाल की कनेक्टिविटी सतना, रीवा, प्रयागराज, मिर्जापुर और बनारस तक और मजबूत हो जाएगी. इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ इंटरकनेक्टिविटी भी देने वाला है. जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की दूरी और कम हो जाएगी. जिससे दोनों राज्यों के लोगों को फायदा होगा.

सागर-सतना की दूरी होगी 73 किलोमीटर कम
सागर-सतना एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 227 किलोमीटर प्रस्तावित है. फिलहाल दोनों शहरों के बीच पारंपरिक रूटों से जाने में 300 किलोमीटर की कुल दूरी हो जाती है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बाद यह दूरी सीधे 73 किलोमीटर कम हो जाएगी. फिलहाल सिंगल लेन सड़कों और लोकल ट्रैफिक के कारण सागर से सतना पहुंचने में 7 से 8 घंटे का समय लगता है, लेकिन 4 लेन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह सफर घटकर मात्र 3 से 4 घंटे का रह जाएगा. जबकि यह शहर आपस में कनेक्ट होंगे. जबकि भोपाल से सतना के बीच का सफर भी 70 से 80 किलोमीटर कम हो जाएगा और दोनों शहरों के बीच की दूरी 6 से 7 घंटे में पूरी हो जाएगी.
- सागर
- दमोह
- पन्ना (जिला)
- कटनी (जिला)
- मैहर
- सतना
मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से तेज और सुगम कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम
— PWD, MP (@pwdminmp) August 13, 2026
▶️ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से मध्यप्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh@MPRakeshSingh @JansamparkMP #LokNirmanSeLokKalyan #JansamparkMP #MadhyaPradesh pic.twitter.com/4vub4lHlJf
ये तीन बड़े फायदे
- एमपी के सतना और रीवा की सीमाएं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और मिर्जापुर से लगती हैं. सागर सतना एक्सप्रेसवे यूपी के पूर्वांचल और बुंदेलखंड को सीधे मालवा और भोपाल से जोड़ देगा.
- सतना-रीवा से सीधी और सिंगरौली होते हुए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और रायपुर जाना भी बेहद आसान हो जाएगा.
- सागर देश के मध्य में स्थित है, इसलिए इस एक्सप्रेसवे के जरिए छत्तीसगढ़ और पूर्वी यूपी का माल सीधे गुजरात के बंदरगाहों और मुंबई तक बेहद कम समय में पहुंच सकेगा.
2028 से शुरू हो सकता है काम
सागर-सतना एक्सप्रेसवे की DPR मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन MPRDC की तरफ से तैयार की जा रही है. मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है. माना जा रहा है कि 2028 तक इसका काम शुरू हो सकता है, जबकि इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.
बुंदेलखंड-विंध्य का कॉरिडोर
मध्य प्रदेश के दो बड़े आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्र बुंदेलखंड और बघेलखंड को जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल हाईवे होगा, जहां गाड़ियां 100 से 120 की रफ्तार से तेजी से चलेगी. सुरक्षा के लिए इसके दोनों तरफ फेंसिंग होगी और एंट्री-एग्जिट पॉइंट तय होंगे. इसलिए इसे बुंदेलखंड और विंध्य के बीच का महा कॉरिडोर माना जा रहा है. जो एमपी के सड़क प्रोजेक्ट में अहम है.
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