महिलाओं की शॉट पुट प्रतियोगिता में मनप्रीत कौर ने कमाल कर दिया है. उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया है. एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए आज के दिन का यह चौथा, जबकि कुल 21वां मेडल है. आइची-नागोया में मेडल हथियाने के बाद चारों तरफ मनप्रीत की चर्चा हो रही है. मगर बहुत कम लोगों को पता है कि यह एकाएक आई सफलता नहीं है, बल्कि इसके पीछे मनप्रीत के सालों की मेहनत है.
पंजाब से आती है मनप्रीत कौर
मनप्रीत कौर पंजाब से आती हैं. जिनके पिता एक साधारण किसान थे. ग्रामीण पृष्ठभूमि से होने के कारण उनका बचपन काफी संघर्षों के बीच बीता था. जब वह महज 13 साल की थीं. उसी दौरान उनके पिता का निधन हो गया था. जिसके बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. पिता के जाने के दुख से अभी परिवार उबर भी नहीं पाया था कि साल 2006 में उनकी मां भी लकवाग्रस्त हो गईं. जिसके बाद उनके कंधों पर जिम्मेदारियों का बोझ टूट पड़ा. मगर उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा और अपने सपने को पूरा करने में लगी रहीं.
शॉट पुट से नहीं 100 मीटर की दौड़ से शुरु हुई थी मनप्रीत की कहानी
आज जिस मनप्रीत को हम शॉट पुट में जलवा बिखेरते हुए देख रहे हैं. असल में उन्होंने खेलों की शुरुआत 100 मीटर दौड़ से की थी. हालांकि, बाद में उनके भाई ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और शॉट पुट में किस्मत आजमाने की सलाह दी. भाई की यह सलाह उनके काम भी आई और अब उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल लाकर सबको अपना दीवाना बना दिया है.
2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता ब्रॉन्ज
मनप्रीत की कड़ी मेहनत का परिणाम यह रहा कि वह 2023 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम करने में कामयाब रहीं. उसके बाद से वह भारत की शीर्ष शॉट पुट खिलाड़ियों की रेस में बनी हुई हैं. 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में वह पदक लाने से चूक गईं थी. मगर अब एशियन गेम्स 2026 में कांस्य लाकर सबको अपना मुरीद बना लिया है.
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