दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 32 साल से फरार चल रहे एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी 1994 में दो साध्वियों की हत्या और आश्रम में डकैती के मामले में वांटेड था और पिछले 32 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था.
आरोपी की पहचान ललित के रूप में हुई है. वह मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है. पुलिस ने उसे मंगोलपुरी फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री से गिरफ्तार किया, जहां वह पैकेजिंग मजदूर के तौर पर काम कर रहा था.
क्या था मामला?
पुलिस के मुताबिक, 1994 में शकरपुर थाना क्षेत्र स्थित एक आध्यात्मिक आश्रम में दो साध्वियों की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि हत्या के बाद बदमाशों ने आश्रम से नकदी, गहने और अन्य कीमती सामान लूट लिया था.
पुलिस का दावा है कि ललित भी मुख्य आरोपियों में शामिल था. उसने दोनों साध्वियों का गला दबाने में साथ दिया था और लूटे गए माल में से उसे भी हिस्सा मिला था.
इस मामले में सुनील कुमार, दिलीप राम और सुशील को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन ललित फरार हो गया था. 26 अक्टूबर 1995 को उसे कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया था.
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ऐसे छिपा रहा था पहचान
जांच में पता चला कि ललित साल 2000 तक बिहार में अलग-अलग जगहों पर काम करता रहा, फिर दिल्ली आ गया. यहां वह घरेलू सहायक के तौर पर आया था और इसी दौरान उसकी मुलाकात बाकी आरोपियों से हुई थी.
बाद में उसने कई फैक्ट्रियों में पैकेजिंग मजदूर का काम किया. वह एक ही नाम से रह रहा था, लेकिन लगातार अपना ठिकाना और काम बदलता रहा ताकि पुलिस तक न पहुंच सके.
क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज को सूचना मिली थी कि ललित मंगोलपुरी फेज-2 में है. टीम ने उसकी गतिविधियों की पुष्टि की और फैक्ट्री में दबिश देकर उसे दबोच लिया. उसकी पहचान आधार कार्ड से भी वेरिफाई की गई है.
क्राइम ब्रांच ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना शकरपुर थाना पुलिस को दे दी है और आगे की जांच जारी है.
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