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'मेरे पास 3 मेडल थे, बस गोल्ड नहीं था', सविता पुनिया की जिद ने 44 साल बाद भारत को दिलाया स्वर्ण

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल किया. स्टार गोलकीपर सविता पुनिया ने बताया कि अब टीम का पूरा फोकस ओलंपिक पदक जीतने पर है.

'मेरे पास 3 मेडल थे, बस गोल्ड नहीं था', सविता पुनिया की जिद ने 44 साल बाद भारत को दिलाया स्वर्ण
सविता पुनिया ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में की खास बातचीत
AFP/NDTV

एशियाई खेलों में इस बार भारतीय महिला टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब हुई थी. उससे पहले महिला टीम को करीब 44 साल पहले कामयाबी हासिल हुई थी. उस दौरान 1982 में महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया था. इस बार फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला टीम की भिड़ंत चीन के साथ हुई थी. जहां अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव करते हुए भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण दिलाने में अहम भूमिका निभाई. 

ओलंपिक क्वालिफिकेशन सुनिश्चित होने के बाद सविता ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में खुलासा किया कि अब टीम का पूरा फोकस लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक पर टिकी हुई है. भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब तक ओलंपिक में कोई पदक नहीं जीता है. टीम की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 1980 और 2020 में निकलकर सामने आया था. उन दोनों मौकों पर टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था. पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए टीम क्वालिफाई नहीं कर पाई थी. 

एशियाई खेलों में मिली सफलता के बाद महिला स्टार ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, 'मैं सीनियर खिलाड़ी हूं और हमेशा कहती थी कि 2014 में कोरिया ने गोल्ड जीता, 2018 में जापान ने और 2023 में चीन ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस बार चौथा एशियाई खेल था और इस बार हम गोल्ड मेडल चाहते थे. मेरे पास तीन पदक थे, लेकिन एक स्वर्ण पदक की कमी थी. टीम ने मेरी इस बात को गंभीरता से लिया. सभी खिलाड़ी मेरी कही गई बात को दोहराते रहते थे.'

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सविता ने कहा, 'हमारी टीम पिछले काफी समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है. हम बहुप्रतीक्षित स्वर्ण पदक का इंतजार कर रहे थे. जिसके लिए सभी ने कड़ी मेहनत की. हम जानते हैं कि टोक्यो ओलंपिक में हमने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन चार साल की मेहनत के बाद बिना पदक के लौटना बेहद मुश्किल था. जब हम ऐसे बड़े टूर्नामेंट से घर लौटते हैं तो अक्सर हमें कहा जाता है कि हम और बेहतर कर सकते थे. इसलिए खिलाड़ियों के लिए पदक सबसे ज्यादा मायने रखता है. टोक्यो में चौथे स्थान पर रहने और पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाने के बाद यह पदक हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण था.'

उन्होंने कहा, 'इस स्वर्ण पदक ने हमें लॉस एंजिलिस 2028 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन दिला दिया है. हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं और हम चाहते थे कि उन्हें क्वालिफिकेशन का अतिरिक्त दबाव न झेलना पड़े.'

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