भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक का अपना लंबा इंतजार खत्म किया. टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार के साथ कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया. यह भारत का 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के कांस्य पदक जीतने के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में पहला पदक है. मीराबाई ने अभी तक ओलंपिक से लेकर विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते थे लेकिन वह एशियाई खेलों में यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई थी.
मीरा बाई ने अपने कोच विजय शर्मा और सपोर्ट स्टाफ़ की खास तौर पर तारीफ की और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और वेटलिफ़्टिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के साथ-साथ उनकी लगातार मेहनत, हौसला बढ़ाने और ट्रेनिंग के लिए उनका शुक्रिया अदा किया. मीरा ने मेडल जीतने के बाद कहा, "यह सच में मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा है, मैं यह मेडल अपने देश को समर्पित करना चाहती हूं और उन सभी भारतीयों की करोड़ों दुआओं का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जो इस सफर में मेरे साथ थीं"
मीराबाई ने ओलंपिक में सिल्वर पदक, विश्व चैंपियनशिप में एक गोल्ड सहित तीन पदक तथा राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के अलावा एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता है. उत्तर कोरिया की दो बार की विश्व चैंपियन री सोंग गम ने उम्मीदों पर खरे उतरते हुए कुल 215 किलोग्राम (94 और 121 किलोग्राम) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों में खिताबी हैट्रिक पूरी की.
मीराबाई ने स्नैच में 83 किलोग्राम के साथ शुरुआत की और फिर अपने अगले दो प्रयासों में 85 किलोग्राम और 87 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता के पहले चरण में तीसरा स्थान हासिल किया. इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का भार उठाकर एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीता. उन्होंने इससे पहले दो बार एशियाई खेलों में भाग लिया था लेकिन पदक नहीं जीत पाई थी.
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