भारत के वेटलिफ्टर 2026 एशियन गेम्स में पूरे जोश के साथ पहुंचे हैं. एक महीने पहले ग्लासगो में, वेटलिफ्टर टीम कॉमनवेल्थ गेम्स से 8 मेडल जीतकर लौटी थी, जिसमें मीराबाई चानू का लगातार तीसरा गोल्ड मेडल भी शामिल था. लेकिन एशियन गेम्स का इतिहास भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए कभी अच्छा नहीं रहा है, और चार महिलाओं वाली इस टीम को पता है कि उनके खिलाफ उतना ही पुराना इतिहास है, जितना कि किसी भी प्रतिद्वंद्वी का. आंकड़े बताते हैं कि उम्मीदें कम क्यों हैं. 1951 में इस खेल के शामिल होने के बाद से भारत ने एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग में 14 मेडल जीते हैं,पांच सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज, लेकिन एक भी गोल्ड नहीं. 1998 में बैंकॉक में कर्णम मल्लेश्वरी के सिल्वर मेडल जीतने के बाद से भारत का कोई भी खिलाड़ी एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग के सिल्वर मेडल तक नहीं पहुंच पाया है.
मीराबाई के पास इतिहास रचने का मौका
मीराबाई सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहती हैं तो वेटलिफ्टिंग में 28 साल बाद कोई एथलीट सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहेगा. वहीं, गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहीं तो एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार होगा जब वेटलिफ्टिंग में भारत को गोल्ड मेडल मिलेगा.
मीराबाई चानू के लिए, एशियन गेम्स उनके शानदार मल्टी-स्पोर्ट करियर की एक बड़ी कमी को पूरा करने का मौका है. उन्होंने ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीते हैं, जिनमें लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल भी शामिल हैं, लेकिन एशियन गेम्स का मेडल उनसे दूर ही रहा है. 2014 के एशियन गेम्स में वह नौवें स्थान पर रहीं, जबकि पीठ की चोट के कारण वह 2018 के गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाईं. 2023 के हांगझोऊ गेम्स में चानू पोडियम तक पहुंचने के बहुत करीब थीं. जांघ की चोट के बावजूद, 117kg के 'क्लीन एंड जर्क' प्रयास के दौरान वह गिर गईं और आखिरकार चौथे स्थान पर रहीं. वह ब्रॉन्ज मेडल से 8kg पीछे रह गईं. इस बार के एशियन गेम्स में मेडल जीतने पर चानू के पास तीनों बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स - ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल हो जाएंगे.
मुकाबले का फ़ॉर्मेट
हर लिफ्टर को 'स्नैच' और 'क्लीन एंड जर्क' में तीन-तीन कोशिशें मिलेंगी, हर कैटेगरी में सबसे अच्छी वैलिड कोशिश को लिफ्टर के कुल स्कोर में जोड़ा जाएगा. जिस एथलीट का कुल स्कोर सबसे ज्यादा होगा, वह गोल्ड मेडल जीतेगा. अगर कोई लिफ्टर 'स्नैच' या 'क्लीन एंड जर्क' में से किसी भी इवेंट की तीनों कोशिशों में एक भी वैलिड लिफ्ट नहीं कर पाता है, तो उसका कोई कुल स्कोर नहीं बनेगा और वह मुकाबले से बाहर हो जाएगा.
यह मुकाबला पूरी तरह से व्यक्तिगत होगा और इसमें कोई टीम मेडल नहीं दिया जाएगा. 2026 एशियन गेम्स में 1 अगस्त, 2026 को लागू की गई नई IWF वेट कैटेगरी का इस्तेमाल किया जाएगा. इन गेम्स में पुरुषों और महिलाओं के लिए 5-5 कैटेगरी होंगी और हर नेशनल ओलंपिक कमेटी को हर कैटेगरी में एक एथलीट भेजने की इजाजत होगी.
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