- आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने विवाद के दौरान अपनी पत्नी और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या की.
- आरोपी ने अपने तीन बच्चों को लेकर एक कमरे में बंद होकर पुलिस को बंधक बनाने की धमकी दी थी.
- पुलिस ने आठ घंटे की नाकाबंदी के बाद एसओजी और एटीएस की संयुक्त टीम से कार्रवाई की.
मंगलवार शाम यूपी के आजमगढ़ में जो कुछ हुआ, वो बेहद चौंकाने वाला है. घर में पूजा कर रहे पंडितों से आधार कार्ड की मांग से शुरू हुई बहस में 5 लोगों की मौत हुई. हैरान करने वाली बात यह है कि इस मामले के मुख्य आरोपी अरविंद सिंह ने सबसे पहले पत्नी बबीता की गोली मारकर हत्या की. उसके बाद दो पंडितों को गोली मार दी. फिर बेटे की भी गोली मार दी. इस बीच करीब 8 घंटे तक आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र का शंभूपुर गांव पुलिस छावनी में बना रहा. स्थिति को कंट्रोल में करने के लिए ATS को बुलाया गया. ATS कमांडो के एक्शन में अरविंद सिंह एनकाउंटर में मारा गया. लेकिन उससे पहले उनसे 4 लोगों की हत्या कर दी. यह खौफनाक हत्याकांड की शुरुआत कैसे हुई, आइए जानते हैं...
मंगलवार शाम 6-7 बजे से रात करीब 1-2 बजे तक अहरौला थानाक्षेत्र के शंभूपुर गांव में पुलिस, SOG से लेकर ATS कमांडो की मौजूदगी रही. गांव में अब भी पुलिस की तैनाती है. गांव के लोग भी इस घटना से हैरान है. ग्राउंड जीरो पर पहुंची NDTV टीम को जानकारी मिली कि इस घटना की बुनियाद 2019 में पड़ चुकी थी. जब अरविंद के चचेरे भाई मनीष ने उसके सगे भाई सुनील सिंह की हत्या की थी.
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— NDTV India (@ndtvindia) September 23, 2026
अरविंद के भाई के साले ने बताई इनसाइड स्टोरी
अरविंद के भाई सुनील के साले सूरज ने बताया कि बबीता का मनीष के साथ प्रेम संबंध चल रहा था. इस बात की जानकारी होने पर सुनील सिंह ने उसके ऊपर चोरी, छिनतई, छेड़खानी सहित कई प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इस मामले में कोर्ट से मनीष और अवनीश को 20 साल की सजा हो गई थी. 2019 में मनीष और अवनीश जमानत पर बाहर निकला और सुनील सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी.
2019 में मारे गए भाई सुनील की आत्मा कर रही परेशान
इसके बाद वह हत्या के आरोप में जेल चला गया. जेल से दोनों भाई लगभग डेढ़ माह पूर्व ही छूटे थे. परिवार के लोग काफी परेशान रहते थे. तो अरविंद सिंह की पत्नी बबीता और उसकी मां ने पंडितों से बात की. पंडितों ने बताया कि सुनील सिंह की आत्मा उन्हें परेशान कर रही है. इस पर अरविंद की मां और पत्नी ने मिलकर पंडितों को 5 दिनों के महामृत्युजंय जाप के लिए बुलाया था.
अरविंद पूजा-पाठ का कर रहा था विरोध
मंगलवार को महामृत्युजंय जाप का चौथा दिन था. अरविंद शुरू से इस पूजा का विरोध कर रहा था. उसने पंडितों को अगले दिन न आने की चेतावनी दी थी. लेकिन, मंगलवार की शाम को जब वह बाजार से घर पहुंचा तो पूजा पाठ होते देख उसका पारा चढ़ गया. उसने पंडितों को गालियां दी और उनका आधार कार्ड मांगा.
तेरे चक्कर में भाई की हत्या हुई और तू ड्रामा कर रही है... बोलते हुए चलाई गोलियां
इस पर उसकी पत्नी ने विरोध किया. जिसके बाद अरविंद का पारा और चढ़ गया. उसने गाली देते हुए कहा कि तेरे चक्कर में मेरे भाई की हत्या हो गई और तुम ड्रामा कर रही है. फिर उसने पिस्टल निकाली और गोली मार दी. यह भी पता चला कि पिस्टल अरविंद के भाई सुनील की थी. जिसकी 2019 में साल पहले हत्या हुई थी.

शंभूपुर गांव में शाम 6-7 बजे से शुरू हुई विवाद
बताया गया कि आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह के घर बीते कुछ दिनों से एक विशेष पूजा हो रही थी. मंगलवार शाम भी पूजा-पाठ चल रहा था. उस समय घर में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह (40), मां समला देवी (70) और बेटी परी (5), बेटा लक्खा (6) और सात माह की बेटी घर पर मौजूद थे. इसके अलावा पटखौली गांव के पंडित महेंद्र पाठक (60), छितौना भटौली गांव के अखिलेश मिश्रा (55), उनके पुत्र हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित पूजा करा रहे थे.

आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह का घर.
Photo Credit: NDTV
पंडितों से मांगने लगा आधार कार्ड
शाम करीब 6-7 बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचे, जहां घर में पूजा होते देखकर उन्होंने पंडितों से जानकारी लेनी शुरू की. बातचीत होते-होते अरविंद गाली-गलौज पर उतर आया. फिर बौखला कर पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया. जिस पर पत्नी से उसकी बहस हुई. इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी.
गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता समेत दो पंडितों की मौत हो गई. मृतक पंडितों की पहचान महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के रूप में हुई है. जिसके बाद अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया.

आरोपी अरविंद और उसकी पत्नी बबीता की फाइल फोटो.
Photo Credit: NDTV
बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया था आरोपी
पत्नी और दो पंडितों की हत्या के बाद आरोपी अरविंद ने अपने आप को बचाने के लिए बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद लिया. इधर तीन लोगों की हत्या की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पहुंची. अरविंद के रिश्तेदार और ग्रामीण भी वहां जुटे. इसके बाद अरविंद को सरेंडर करने को कहा जाने लगा. लेकिन वो लगातार बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था.
रात एक बजे कमरे SOG और ATS की टीम कमरे में घुसी
इसी बीच देर रात कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी. जिसके बाद ATS कमांडो कमरे में दाखिल हुई तो आरोपी ने पुलिस पर भी फायरिंग की. इसी दौरान पुलिस की ओर से चली गोली अरविंद घायल हुआ. देर रात करीब 1 बजे SOG और ATS की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की. एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने रात करीब 3:30 बजे आरोपी की मौत की पुष्टि की.
#WATCH आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश: शंभूपुर गांव में गोलीबारी की घटना पर SSP डॉ. अनिल कुमार ने बताया, "एक आरोपी अरविंद द्वारा अपनी पत्नी और दो व्यक्तियों की गोली मार के हत्या कर दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी ने अपने बच्चों को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करवाने… pic.twitter.com/D6RB59mQtY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 23, 2026
ADG बोले- बच्चों को गोली मार दी, पुलिस के पास कोई चारा नहीं था
वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस ने पूरे संयम का परिचय दिया, कमांडो के जरिए रेस्क्यू करने की कोशिश की गई. इसी बीच एसएसपी की टीम जब बातचीत करने अंदर पहुंची तो आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दिया. ऐसी स्थिति में पुलिस के पास कोई चारा नहीं था, पुलिस बंधक बच्चों को बचाने का प्रयास कर ही रही थी, जैसे ही पुलिस बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ी उसने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की. इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग किया, जिसमें आरोपी अरविंद घायल हुआ, फिर उसकी मौत हुई.
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