देश की महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने NDTV World Summit के मंच पर बातचीत करते कुछ दिलचस्प बातें बताई हैं. उनसे जब पुछा गया कि आपका बॉक्सिंग से परिचय पहली बार कैसे हुआ? इसके जवाब में 29 वर्षीय स्टार ने कहा, 'बॉक्सिंग के बारे में पहली बार जानकारी कहीं न कहीं मुझे मोहम्मद अली को देखने के बाद मिली. मैं गांव से आती हूं. मेरा फैमिली बैकग्राउंड अच्छा नहीं था. मेरे पापा टी गार्डन में काम करते थे. मेरी मां हाउसवाइफ हैं. हम तीन बहने थीं. उस समय पापा केवल रविवार के दिन घर आते थे.'
उन्होंने कहा, 'उस दौरान वह एक पेपर में मिठाई रैप करके लाए थे. जहां मुझे मोहम्मद अली के बारे में पहली बार पता चला.' बोरगोहेन के मुताबिक उन्होंने पहली बार मोहम्मद अली को उसी मिठाई के रैपर में देखा था.
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बोरगोहेन ने कहा, 'उस दौरान क्रेज था प्रोफेशनल बॉक्सिंग का, लोग मोहम्मद अली और माइक टायसन के बहुत बड़े फैन होते थे. मगर मुझे जब पता चला कि बॉक्सिंग एक खेल है. जिसमें हम अपना और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं. तब जाकर मेरे मन में भी आया कि अगर मैं भी बॉक्सिंग करती हूं तो मेरे लिए बहुत अच्छा होगा.'
भारतीय स्टार ने कहा, 'क्योंकि मैं गांव से आती हूं. वहां पर स्पोर्ट्स का कुछ भी कल्चर नहीं था. कोई फैसिलिटी नहीं थी. मगर कहीं ना कहीं जीवन ने मुझे मौका दिया... मैंने मार्शल आर्ट ज्वाइन किया. उसके बाद मुझे स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक प्रोग्राम के तहत पहचाना. जिसके बाद मैं बॉक्सिंग में आ पाई.'
बोरगोहेन ने कहा, 'कहीं ना कहीं मिठाई का रैपर देखकर ही मेरी जर्नी शुरू हुई थी.' बातचीत के दौरान ही बोरगोहेन ना बताया कि उनकी फेवरेट मिठाई जलेबी है.
बॉक्सिंग में वेट काफी महत्वपूर्ण होता है. जब लवलीना से इसके बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'मैंने 2020 का ओलंपिक 69 भार वर्ग में खेला था. मगर अब मैंने अपना वेट बढ़ा लिया है. अब मैं 75 भार वर्ग में खेलती हूं.'
उन्होंने कहा, 'बॉक्सिंग में वेट मैनेज करना काफी मुश्किल होता है. वेट कंट्रोल करने के लिए बहुत हार्ड वर्क करना होता है. मगर मेरा केस थोड़ा उल्टा है. क्योंकि मैंने वेट गेन करके खेला था.'
बातचीत के दौरान ही लवलीना ने हंसते हुए कहा कि मुझे खाना पसंद है, जो कि वेट बढ़ाने में एक बेनिफिट है... हां थोड़ा हार्ड रहता है. मगर डिसिप्लिन मेंटेन करने से सब कुछ हो जाता है.
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