विज्ञापन

आईसीसी का 'बवाली नियम!, अगर किसी दिन ऐसा हुआ, तो मच जाएगा कोहराम, रवि शास्त्री का बड़ा सुझाव

किसी भी खेल में जब हालात सामने आते हैं, तो नियमों की खामी भी सामने आ ही जाती है. और अब भारत न्यूजीलैंड टी20 मैच के दौरान न्यूजीलैंड के पूर्व पेसर ने एक ऐसे ही नियम का जिक्र किया

आईसीसी का 'बवाली नियम!, अगर किसी दिन ऐसा हुआ, तो मच जाएगा कोहराम, रवि शास्त्री का बड़ा सुझाव
रवि शास्त्री की बात पर आईसीसी को विचार करना चाहिए
source: X

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल की क्रिकेट कमेटी में दुनिया के तमाम विद्वान हैं! पैटर्न बॉडी हर साल खेली की 'प्लेइंग कंडीशंस' जारी करती है, लेकिन फिर भी अक्सर ऐसे विवाद पैदा हो जाते हैं कि आईसीसी को अपने भीतर झांकना ही पड़ता है. न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मैच जब रोमांचक स्थिति में चल रहा था, तो इसी दौरान कमेंट्री बॉक्स में कीवी पूर्व पेसल और कमेंटेटर साइमन डुल और रवि शास्त्री के् बीच इस खासी गंभीर बातचीत हुई. ये दोनों ही एक "स्थिति विशेष" के बारे में बात करहे थे. इसी को लेकर डुल ने संभावित स्थिति को लेकर सवाल दागा, तो शास्त्री ने भी कह दिया कि आईसीसी को इस बारे में सोचने की जरूरत है. चलिए पहले आप डुल के सवाल से स्थिति के बारे समझिए और शास्त्री का जवाब सुनिए.

यह भी पढें: विंडीज से भी बुरा हाल! पहले ही मैच में खुली भारतीय बॉलरों की पोल, 21 साल में पहली बार हुआ ऐसा

यह भी पढ़ें: मैदान के बाहर भी करोड़ों का खेल! ईशान कहां से कमाते हैं पैसा, सिर्फ रियल एस्टेट से पिछले साल कितनी रही कमाई

साइमन डुल का सवाल और सिचुएशन

रवि कल्पना करो कि अगर विश्व कप के फाइनल में टीम को चैंपियन बनने के लिए आखिरी गेंद पर 2 रन की जरूरत है. बल्लेबाज को आउट दे दिया जाता है, लेकिन वह DRS REVIEW लेता है और इसमें नॉटआउट करार दिया जाता है.लेकिन होता यह है कि गेंद को अंपायर द्वारा डॉट-बॉल (खाली) घोषित कर दिया जाता है. और होता यह है कि टीम विश्व कप फाइनल हार जाती है! और साइमन डुल का यही सवाल आईसीसी के उस नियम की ओर इशारा करता है, तो दिन विशेष पर क्रिकेट में बवाल मचा सकता है.

हालात से पैदा हुआ सवाल

सवाल यह है कि आईसीसी का इस पर आखिर ध्यान क्यों नहीं जाता? क्या आईसीसी वैसा ही कुछ होने का इंतजार कर रही है जैसा कुछ साल  पहले 2019 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का मैच टाई होने और फिर सुपर ओवर में भी टाई होने की सूरत में हुआ था. तब मैच के 'रेगुलर टाइम' में ज्यादा बाउंड्री मारने वाली टीम यानी इंग्लैंड को को विजेता घोषित कर दिया था. इस नियम पर जब बहुत बवाल मचा, तो इसमें बदलाव करने का फैसला किया गया. और यह नियम भी कुछ ऐसा ही है.  

रवि शास्त्री का जवाब शास्त्री इस पर कहते हैं, 'हां आईसीसी को नियम में बदलाव करना चाहिए. अगर कोई बल्लेबाज DRS लेता है और अंपायर का निर्णय पलट जाता है, तो घोषित हुई "डेड बॉल को फिर से फेंका जाना चाहिए". किसी अंपायर के गलत फैसले के कारण किसी टीम को विश्व कप नहीं गंवाना चाहिए.  

डिटेल से समझें बवाली नियम को !!

क्रिकेट में आईसीसी (ICC) प्लेइंग कंडीशंस के नियम 3.1.5 और नियम 20 के तहत यह स्थिति तय होती है. चलिए आप इसे  आसान भाषा में समझें:

डेड बॉल का नियम 

जब मैदानी अंपायर किसी बल्लेबाज को आउट दे देता है, तो उसी पल गेंद तुरंत 'डेड बॉल' हो जाती है. अंपायर की उंगली उठते ही खेल रुक जाता है. इसके बाद होता यह है कि बल्लेबाज दौड़े, चौका-छक्का मारे या गेंद सीमा रेखा के पार चली जाए, उन रनों को गिना नहीं जाता है. और साइमन डुल की बात का पेंच यहीं फंसा है.

2. DRS रिव्यू के बाद की स्थिति

यदि बल्लेबाज DRS (Decision Review System) लेता है और थर्ड अंपायर मैदानी अंपायर का फैसला पलटकर बल्लेबाज को नॉट आउट दे देता है, तो केवल 'आउट' का फैसला वापस लिया जाता है, लेकिन, नियम के अनुसार गेंद अंपायर के आउट देने वाले पल से 'डेड' ही मानी जाएगी. इसीलिए अंपायर द्वारा आउट दिए जाने के कारण जो गेंद डेड हुई थी, उस पर कोई भी रन (दौड़े गए रन या बाई/लेग-बाई के रन) टीम के स्कोर में नहीं जोड़े जाते.

मतलब यदि वह गेंद नो-बॉल या वाइड नहीं थी, तो उसे डॉट बॉल गिना जाता है.  

3. इस स्थिति का मैच पर असर

स्थिति यह थी कि विश्व कप फाइनल में किसी बल्लेबाज को आखिरी गेंद पर जीत के लिए 2 रन की दरकार थी:-

यहां अंपायर ने LBW आउट दिया और गेंद तुरंत ही डेट हो गई. लेकिन DRS में बल्लेबाज नॉट आउट पाया गया. अब जबकि गेंद अंपायर के आउट देते ही डेड हो चुकी थी, इसलिए जो रन बल्लेबाज ने दौड़े थे या गेंद बाउंड्री पर गई थी, वह मान्य नहीं होंगे. गेंद को डॉट बॉल माना जाएगा और टीम मैच हार जाएगी (या सुपर ओवर/टाई हो सकता है, यदि स्कोर बराबर था)
 

इस नियम में बदलाव की चर्चा हुई?

यह नियम कई बार विवादों में रहा है क्योंकि अंपायर की गलती (गलत आउट देने) की सजा बल्लेबाजी करने वाली टीम को भुगतनी पड़ती है. कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि यदि DRS में नॉट आउट दिया जाता है, तो अंपायर के आउट देने से पहले बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए रनों को गिना जाना चाहिए. हालांकि वर्तमान नियमों के अनुसार अंपायर के उंगली उठाते ही गेंद डेड मानी जाती है, लेकिन शास्त्री का यह बड़ा सुझाव अच्छा है कि अगर गेंद "इस सूरत" में डेड घोषित हो गई, तो इसे फिर दोबारा फेंका जाना चाहिए.


 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India, New Zealand, Simon Doull, Ravi Shastri, New Zealand Vs India 10/24/2026 Nzin10242026271647, Cricket
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com