हरियाणा के बेटी साक्षी शर्मा ने साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और अपनों के भरोसे से बड़े से बड़ा सपना भी पूरा किया जा सकता है. कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाली इस बेटी का गांव लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ. भावुक साक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत कोच को देते हुए कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे गांव और उनके कोच के सपने की जीत है.
जींद की रहने वाली साक्षी शर्मा ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं. गांव वालों ने मेरा शानदार स्वागत किया है. मैं पूरे गांव, माताओं और बहनों का दिल से धन्यवाद करना चाहती हूं.' उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने उस कोच को दिया, जिनका अब निधन हो चुका है. साक्षी ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे कोच की मेहनत और मार्गदर्शन का सबसे बड़ा योगदान है.
फाइनल में भारत की एकतरफा जीत
दरअसल, 31 अक्टूबर को वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में भारत की महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. साक्षी ने भारत के लिए शानदार प्रदर्शन जारी रखा और 9 अंकों के साथ सबसे आगे रहीं. इसमें 7 टच पॉइंट और 2 बोनस पॉइंट शामिल थे. अनु सेन ने 6 अंक जुटाए, जबकि कप्तान निधि शर्मा ने 5 अंक हासिल किए. डिफेंस में रितु मितरवाल और सुमन साहू ने बेहतरीन खेल दिखाया और 4-4 टैकल पॉइंट हासिल किए.
युगांडा की ओर से नाकायोंगो शिरात ने 11 अंक बनाए और वह अपनी टीम की टॉप स्कोरर रहीं. युगांडा का मजबूत डिफेंस उनके सेमीफाइनल की जीत में अहम रहा था, लेकिन भारतीय रेडर्स के सामने उनका डिफेंस बेअसर दिखा. फाइनल मुकाबले में दबाव के कारण युगांडा की टीम लड़खड़ा गई, जिसका फायदा उठाते हुए भारत ने पहले हाफ के खत्म होने से साढ़े तीन मिनट पहले ही उन्हें 'ऑल-आउट' कर दिया.
Jind, Haryana: Commonwealth Kabaddi Games 2026 gold medallist Sakshi Sharma says, "I am overjoyed—truly happy. My fellow villagers have welcomed me so warmly such a grand reception. I want to express my heartfelt thanks to the entire village. To all the mothers and sisters who took the time out of their busy schedules to come, thank you..."
— IANS (@ians_india) November 2, 2026
हाफ-टाइम तक भारत 22-7 की मजबूत बढ़त के साथ आगे था. भारतीय रेडर्स ने खेल पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा, जबकि युगांडा की टीम पहले हाफ में एक भी टैकल पॉइंट हासिल नहीं कर सकी. दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा, जिससे विपक्षी टीम की वापसी की उम्मीदें टूट गईं.
भारतीय टीम ने रेड पॉइंट में 20-14 और टैकल पॉइंट में 10-1 की बढ़त बनाई. इसके अलावा, दो बार 'ऑल-आउट' करने के लिए उन्हें 4 अतिरिक्त अंक भी मिले. चैंपियनशिप जीतने के बाद, निधि शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम का घरेलू दर्शकों ने जोरदार स्वागत किया. मैच के बाद, भारतीय कप्तान ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई और लगातार समर्थन देने के लिए फैंस का शुक्रिया अदा किया.
अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में कुल 10 महिला टीमों ने हिस्सा लिया था. भारत ने ग्रुप स्टेज में बिना कोई मैच हारे शानदार प्रदर्शन किया और फिर नॉकआउट चरण में श्रीलंका और युगांडा को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
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