अरुण जेटली के बजट में इस बार खेलों के लिए 351 करोड़ रुपये ज्यादा दिए गए हैं (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने केंद्रीय बजट में खेलों के लिए पिछले साल की तुलना में 22.04 फ़ीसदी इज़ाफ़ा करने का ऐलान किया है. पिछले साल की तुलना में इस बार बजट में 351 करोड़ रुपये ज़्यादा देने का एलान किया. पिछले साल के 1592 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार बजट में खेलों के लिए 1943 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गई. दरअसल अगले साल 2018 में कॉमनवेल्थ खेल (गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया 4-15 अप्रैल) और एशियाई खेल (जकार्ता, इंडोनेशिया 18 अगस्त से 2 सितंबर) होने हैं. बजट में खेलों की इस बढ़ी हुई रकम भारतीय खिलाड़ियों को तैयारी करने में मदद मिल सकती है,बशर्ते खेल अधिकारी सही योजना बनाकर उसे सही तरीके से अमल में लाएं.
ये रकम इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि रियो ओलिंपिक में करोड़ों खर्च होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी लंदन ओलिंपिक से बेहतर प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. रियो में भारतीय खिलाड़ी सिर्फ़ दो पदक (पीवी सिंधु-सिल्वर और साक्षी मलिक-ब्रॉन्ज) हासिल कर पाए. भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को राष्ट्रीय कैंप के आयोजन के लिए पिछले साल के 416 करोड़ की तुलना में 481 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया गया है. ये अलग बात है कि राष्ट्रीय कैंप के आयोजन में अभी से ही मुश्किलें नज़र आ रही हैं. मसलन ओलिंपिक को खत्म हुए छह माह से ज़्यादा हो चुके हैं लेकिन जिमनास्ट अब तक राष्ट्रीय कैंप के लगने का इंतज़ार ही कर रहे हैं.
इस बजट में दिव्यांगों के खेल के प्रमोशन की रकम 4 करोड़ रुपये से घटाकर 1 लाख रुपये कर दी गई. जबकि खेल संघों का बजट बढ़ा दिया गया है. खेल संघों के लिए बजट में 185 करोड़ रुपये से 302 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. इसी तरह नॉर्थ ईस्ट के खेलों के लिए बजट में 133.33 से 148.4 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. जम्मू-कश्मीर के लिए ये राशि पहले की तरह 75 करोड़ रुपये बरक़रार है. नेशनल स्पोर्ट्स डेवलेपमेंट फ़ंड (NSDF) के लिए भी बजट में 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है. खेल में टैलेंट को ढूंढने और उसे तराशने के लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान है. इसी कड़ी में 'खेलो इंडिया' योजना की रकम को 140 करोड़ से बढ़ाकर 350 करोड़ रुपया कर दिया गया है.
ये रकम इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि रियो ओलिंपिक में करोड़ों खर्च होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी लंदन ओलिंपिक से बेहतर प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. रियो में भारतीय खिलाड़ी सिर्फ़ दो पदक (पीवी सिंधु-सिल्वर और साक्षी मलिक-ब्रॉन्ज) हासिल कर पाए. भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को राष्ट्रीय कैंप के आयोजन के लिए पिछले साल के 416 करोड़ की तुलना में 481 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया गया है. ये अलग बात है कि राष्ट्रीय कैंप के आयोजन में अभी से ही मुश्किलें नज़र आ रही हैं. मसलन ओलिंपिक को खत्म हुए छह माह से ज़्यादा हो चुके हैं लेकिन जिमनास्ट अब तक राष्ट्रीय कैंप के लगने का इंतज़ार ही कर रहे हैं.
इस बजट में दिव्यांगों के खेल के प्रमोशन की रकम 4 करोड़ रुपये से घटाकर 1 लाख रुपये कर दी गई. जबकि खेल संघों का बजट बढ़ा दिया गया है. खेल संघों के लिए बजट में 185 करोड़ रुपये से 302 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. इसी तरह नॉर्थ ईस्ट के खेलों के लिए बजट में 133.33 से 148.4 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. जम्मू-कश्मीर के लिए ये राशि पहले की तरह 75 करोड़ रुपये बरक़रार है. नेशनल स्पोर्ट्स डेवलेपमेंट फ़ंड (NSDF) के लिए भी बजट में 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है. खेल में टैलेंट को ढूंढने और उसे तराशने के लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान है. इसी कड़ी में 'खेलो इंडिया' योजना की रकम को 140 करोड़ से बढ़ाकर 350 करोड़ रुपया कर दिया गया है.
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