स्ट्राइकर अभिषेक नैन के दो गोलों की मदद से भारत ने शुक्रवार को पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट में जापान को 4-1 से हरा दिया. इसके साथ ही पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की. इससे पहले, भारत ने अपने शुरुआती दो मैचों में बांग्लादेश को 13-0 से और चीन को 5-2 से हराया था. वहीं, जापान ने दक्षिण कोरिया को 3-2 से और बांग्लादेश को 1-0 से मात दी थी. अभिषेक (11वें और 51वें मिनट) ने दो फील्ड गोल किए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह (47वें मिनट) ने भारत को मिले एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला. विष्णुकांत सिंह (56वें मिनट) ने भी एक फील्ड गोल किया. जापान के लिए एकमात्र गोल शोता यामादा (15वें मिनट) ने पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए किया.
एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय टीम अब रविवार को मलेशिया का सामना करेगी. हाल ही में आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराया था. वहीं, जापान का मुकाबला चीन से होगा.
मैच की शुरुआत में भारतीय टीम थोड़ी धीमी रही. जापान ने शुरुआत में गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और दूसरे ही मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन केन नागायोशी का प्रयास लक्ष्य से चूक गया. भारतीय मिडफील्ड और फॉरवर्ड लाइन के बीच तालमेल की कमी साफ दिख रही थी. उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने काफी मेहनत की, लेकिन उन्हें बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा मदद नहीं मिली.
मनदीप सिंह के इस मैच में न खेलने के कारण, भारतीय फॉरवर्ड लाइन दिशाहीन नजर आई और उनके पास कोई ठोस रणनीति नहीं दिखी. मेजबान टीम गोल करने के पर्याप्त मौके बनाने में नाकाम रही. जैसे-जैसे समय बीता, भारतीय टीम ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत की और 11वें मिनट में एक बेहतरीन फील्ड गोल के जरिए बढ़त बना ली.
हार्दिक ने शानदार खेल दिखाते हुए सर्कल के अंदर बाईं ओर सुखजीत सिंह को गेंद दी। सुखजीत ने गेंद अभिषेक की तरफ बढ़ाई, जो अपना 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे. अभिषेक ने आसानी से गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी.
इसके कुछ देर बाद जापान को अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से बाहर चला गया. पहले क्वार्टर के खत्म होने से ठीक नौ सेकंड पहले, जापान को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले. दूसरे मौके पर गेंद संजय के शरीर से टकरा गई, जिससे जापान को पेनल्टी स्ट्रोक मिल गया. शोता यामादा ने भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा को छकाते हुए गोल कर दिया और स्कोर बराबर कर दिया.
जापानी खिलाड़ी काफी दृढ़ लग रहे थे और उन्होंने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ बचाव किया, जिससे भारत को कोई आसान मौका नहीं मिला. जापानी खिलाड़ियों की 'मैन-टू-मैन मार्किंग' एकदम सटीक थी. उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को अपने सर्कल के अंदर कोई जगह नहीं दी. हाफ-टाइम तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं.
जापान का डिफेंस इतना मजबूत था कि पहले हाफ में भारत को एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिल सका. एंड बदलने के तीन मिनट बाद, हार्दिक ने सुखजीत के लिए एक बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन सर्कल के अंदर से सुखजीत का शॉट गोल पोस्ट के ऊपर से निकल गया.
जापान ने अपना शानदार खेल जारी रखा और 36वें मिनट में अपना चौथा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन कप्तान राइकी फुजीशिमा का फ्लिक गोल पोस्ट के काफी ऊपर से चला गया. कुछ मिनट बाद, अमित रोहिदास के शानदार पास पर शिलानंद लाकड़ा ने रिवर्स हिट लगाई, जिसे जापानी गोलकीपर ताकुमी कितागावा ने पैड से रोक दिया.
तीन क्वार्टर के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं. चौथे और आखिरी क्वार्टर में भारत ने अपनी गति बढ़ाई और 46वें मिनट में मैच का अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया. कप्तान हरमनप्रीत ने एक जोरदार लो-फ्लिक के जरिए सटीक निशाना लगाया और भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी, जिससे टीम को थोड़ी राहत मिली.
आखिरी क्वार्टर में भारतीय टीम बिल्कुल बदली हुई नजर आई. फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने जापानी गोल पर लगातार दबाव बनाए रखा. 51वें मिनट में, एक बेहतरीन मूव के बाद अभिषेक ने फील्ड गोल किया, जिससे भारत की बढ़त 3-1 हो गई. मैच खत्म होने से चार मिनट पहले, कप्तान हरमनप्रीत ने एक सटीक एरियल पास दिया, जिस पर विष्णुकांत ने शानदार फील्ड गोल करके भारत की बढ़त को और बढ़ा दिया.
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