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This Article is From Sep 04, 2016

अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग को कहा अलविदा, रिटायरमेंट के बाद यह बताया अपना अगला लक्ष्य

अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग को कहा अलविदा, रिटायरमेंट के बाद यह बताया अपना अगला लक्ष्य
अभिनव बिंद्रा की फाइल फोटो
  • अभिनव बिंद्रा भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं
  • उन्होंने बीजिंग ओलिंपिक में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था
  • वहीं रियो ओलिंपिंक में दस मीटर एयर राइफल में चौथे स्थान पर रहे थे
नई दिल्ली: ओलिंपिक चैम्पियन अभिनव बिंद्रा ने आधिकारिक तौर पर निशानेबाजी से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए अपनी भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया और अब उनका लक्ष्य 'खेल विज्ञान' से जुड़ा कारोबार करना है जिसमें फिटनेस और चिकित्सा भी शामिल हैं. भारत के एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा ने संन्यास की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा, 'अब आगे बढ़ने और युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय है.'

एक दशक से भी अधिक समय तक निशानेबाजी रेंज पर अपना दबदबा बनाए रखने के बाद जल्द ही 34 वर्ष के होने वाले बिंद्रा की निगाहें अब नए व्यावसायिक उद्यम पर लगी हैं. उन्होंने अपने विदाई समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, 'मैं जीविका के लिए कमाने की कोशिश कर रहा हूं. मैं व्यवासाय से जुड़ा हूं. कमाने की कोशिश कर रहा हूं ताकि भूखा न रहूं. आप जानते हैं कि मैं खेलों में दिलचस्पी रखता हूं, लेकिन इससे मुझे ज्यादा पैसा नहीं मिलने वाला है. मैं कुछ चीजों से जुड़ा हूं जो फिटनेस, चिकित्सा क्षेत्र में कुछ करने से संबंधित हैं. मैं खेलों में उच्च प्रदर्शन करने के क्षेत्र में भी कुछ करने की कोशिश कर रहा हूं.'

बीजिंग ओलिंपिक 2008 में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने कहा, 'खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा की भूमिका वर्तमान समय के खेलों में काफी महत्वपूर्ण है. मुझे नहीं लगता है कि हमारे देश में यह पूरा सिद्वांत अभी वास्तव में मजबूत है.'

अपने चमकदार करियर वाले बिंद्रा से भारतीय खेलों के बारे में अपने विजन के बारे में पूछा गया. उन्होंने कहा, 'मैं चाहूंगा कि भारतीय खेल आगे बढ़े और मेरा मानना है कि यह तभी संभव है जब हम निचले स्तर पर पर कार्यक्रम बनाए और लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि वे आकर खेलों से जुड़ें. इसके लिए निवेश, विशेषज्ञता और धर्य की जरूरत है. इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की भी जरूरत है.'

बिंद्रा ने कहा, 'क्योंकि जब आप निचले स्तर पर निवेश करते हो तो उसका आपको तुरंत ही लाभ नहीं मिलेगा. आपको हो सकता है कि उसका फायदा मिलने में 10 से 20 साल लग जाए, इसलिए आपको लगे रहना होगा. मुझे लगता है कि हम ऐसे में ही एक ऐसे देश के रूप में विकसित हो सकते हैं, जो ओलिंपिक पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचा सकता है.'

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिल्ली में भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी मौजूद थे. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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अभिनव बिंद्रा, शूटिंग, निशानेबाजी, बिंद्रा का संन्यास
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