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दिल्लीवालों को फ्री मिलेगा पौधा, घर तक पहुंचाएगा वन विभाग; जानिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन
- Friday July 3, 2026
- Written by: अनु चौहान
Delhi Free Plant Registration : दिल्ली में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अब लोग मुफ्त पौधा ले सकेंगे. खास बात यह है कि 'वृक्ष रथ' योजना के तहत वन विभाग की टीम जरूरत पड़ने पर घर पहुंचकर पौधारोपण में भी मदद करेगी.
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देश की पहली स्टील कचरे से बनी सड़क का नीति आयोग के सदस्य ने किया निरीक्षण
- Saturday June 11, 2022
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर
देश के अलग-अलग स्टील प्लांटों (Steel Plants) हर साल करीब 20 मिलियन (2 करोड़) टन स्टील का कचरा निकलता है. 2030 यह बढ़कर 45 मिलियन टन हो जाएगा. आज हालात यह हैं कि स्टील प्लांटों में स्टील के कचरे के पहाड़ बन गए हैं. इससे पर्यावरण (Environment) को बड़ा खतरा है.
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नॉर्वे की विदेश मंत्री आएंगी भारत, जलवायु, ऊर्जा पर चर्चा संभव
- Wednesday April 20, 2022
- Edited by: वर्तिका
“नॉर्वे (Norway) और भारत (India) जलवायु (Climate Change) और पर्यावरण (Environment) पर समान महत्वाकांक्षाएं साझा करते हैं. इस क्षेत्र में भारत के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा और हाइड्रोजन उत्पादन के बड़े पैमाने पर विकास की आवश्यकता है, जिसके लिए देश को विदेशी निवेश और अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी की आवश्यकता है. - नॉर्वे की विदेश मंत्री एनिकेन हुइटफेल्ड
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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, वन्यजीवों के जुड़े मामलों की सुनवाई NGT में क्यों नहीं होती?
- Tuesday December 15, 2020
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को पर्यावरण (Environment) संबंधी मुद्दों के अलावा वन्यजीवों (Wildlife) से संबंधित मामलों की भी सुनवाई करनी चाहिए. एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वन्यजीव अधिनियम के मुद्दे राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के तहत होना उचित होगा. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने केंद्र से कहा कि आपने वन्यजीव अधिनियम भी एनजीटी को क्यों नहीं सौंपा. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि हम इसे करेंगे.
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दमदार! 75 वर्षीय इस बुजुर्ग ने 50 सालों में लगाए 27 हजार पेड़
- Thursday October 3, 2019
- Written by: अर्चित गुप्ता
क्लाइमेट चेंज (Climate Change) से लड़ने के लिए दुनिया भर के लोग आगे आए हैं. पर्यावरण (Environment) को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद भी कई जगहों पर इमारतों को बनाने के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं. वहीं. कुछ लोग ऐसे भी है जो पेड़ों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं. पर्यावरण के लिए पेड़ कितने जरूरी है ये तो आप सभी जानते हैं लेकिन क्या 1 साल में आप एक भी पेड़ लगाते हैं? अगर नहीं तो आपको जोधपुर के रणाराम बिश्नोई (Ranaram Bishnoi) से सीखना चाहिए.
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अब तक की गई है पर्यावरण की अनदेखी, कहीं भुगतना तो नहीं पड़ेगा खामियाजा!
- Monday June 5, 2017
- Edited by: शिखा शर्मा
पर्यावरण को विकृत व दूषित करने वाली समस्त स्थितियों तथा कारणों के लिए हम मानव उत्तरदायी हैं. हताशा बढ़ती जनसंख्या की आवास तथा बेकारी की समस्या को दूर करने के लिए जंगलों, हरे-भरे खेतों, बाग-बगीचों को काटा जा रहा है.
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दिल्लीवालों को फ्री मिलेगा पौधा, घर तक पहुंचाएगा वन विभाग; जानिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन
- Friday July 3, 2026
- Written by: अनु चौहान
Delhi Free Plant Registration : दिल्ली में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अब लोग मुफ्त पौधा ले सकेंगे. खास बात यह है कि 'वृक्ष रथ' योजना के तहत वन विभाग की टीम जरूरत पड़ने पर घर पहुंचकर पौधारोपण में भी मदद करेगी.
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देश की पहली स्टील कचरे से बनी सड़क का नीति आयोग के सदस्य ने किया निरीक्षण
- Saturday June 11, 2022
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर
देश के अलग-अलग स्टील प्लांटों (Steel Plants) हर साल करीब 20 मिलियन (2 करोड़) टन स्टील का कचरा निकलता है. 2030 यह बढ़कर 45 मिलियन टन हो जाएगा. आज हालात यह हैं कि स्टील प्लांटों में स्टील के कचरे के पहाड़ बन गए हैं. इससे पर्यावरण (Environment) को बड़ा खतरा है.
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नॉर्वे की विदेश मंत्री आएंगी भारत, जलवायु, ऊर्जा पर चर्चा संभव
- Wednesday April 20, 2022
- Edited by: वर्तिका
“नॉर्वे (Norway) और भारत (India) जलवायु (Climate Change) और पर्यावरण (Environment) पर समान महत्वाकांक्षाएं साझा करते हैं. इस क्षेत्र में भारत के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा और हाइड्रोजन उत्पादन के बड़े पैमाने पर विकास की आवश्यकता है, जिसके लिए देश को विदेशी निवेश और अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी की आवश्यकता है. - नॉर्वे की विदेश मंत्री एनिकेन हुइटफेल्ड
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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, वन्यजीवों के जुड़े मामलों की सुनवाई NGT में क्यों नहीं होती?
- Tuesday December 15, 2020
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को पर्यावरण (Environment) संबंधी मुद्दों के अलावा वन्यजीवों (Wildlife) से संबंधित मामलों की भी सुनवाई करनी चाहिए. एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वन्यजीव अधिनियम के मुद्दे राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के तहत होना उचित होगा. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने केंद्र से कहा कि आपने वन्यजीव अधिनियम भी एनजीटी को क्यों नहीं सौंपा. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि हम इसे करेंगे.
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- Thursday October 3, 2019
- Written by: अर्चित गुप्ता
क्लाइमेट चेंज (Climate Change) से लड़ने के लिए दुनिया भर के लोग आगे आए हैं. पर्यावरण (Environment) को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद भी कई जगहों पर इमारतों को बनाने के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं. वहीं. कुछ लोग ऐसे भी है जो पेड़ों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं. पर्यावरण के लिए पेड़ कितने जरूरी है ये तो आप सभी जानते हैं लेकिन क्या 1 साल में आप एक भी पेड़ लगाते हैं? अगर नहीं तो आपको जोधपुर के रणाराम बिश्नोई (Ranaram Bishnoi) से सीखना चाहिए.
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अब तक की गई है पर्यावरण की अनदेखी, कहीं भुगतना तो नहीं पड़ेगा खामियाजा!
- Monday June 5, 2017
- Edited by: शिखा शर्मा
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