रियांबड़ी नगर पालिका में बहुमत को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों की गाड़ी पर कथित हमले का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्षद और प्रत्याशी पुष्कर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर से लौट रहे थे, तभी रियांबड़ी के पास उनकी गाड़ी को एक फॉर्च्यूनर वाहन ने टक्कर मारी और हमला करने की कोशिश की गई. घटना के बाद इलाके में माहौल गरमा गया है. कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
प्रशिक्षण शिविर से लौट रहे थे पार्षद
NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद और प्रत्याशी पुष्कर स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के बाद रियांबड़ी और लामपोलाई क्षेत्र की ओर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान रियांबड़ी के निकट उनकी गाड़ी के सामने एक फॉर्च्यूनर वाहन आया. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि फॉर्च्यूनर में सवार लोगों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारने और हमला करने का प्रयास किया.
सरपंच की सूझ-बूझ से थाने पहुंचे
घटना के दौरान सरपंच सुशील लटियाल और अन्य साथियों ने स्थिति को संभाला. बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस पार्षदों और प्रत्याशियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद सभी को सुरक्षित रूप से थावला पुलिस थाने पहुंचाया गया, जहां पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी गई. बताया जा रहा है कि घटना के बाद कांग्रेस नेताओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
कांग्रेस ने मांगी सुरक्षा
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और नवनिर्वाचित पार्षदों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है. हालांकि, घटना को लेकर लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि और जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही हमले की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी.
एक वोट पर टिकी है सत्ता की तस्वीर
रियांबड़ी नगर पालिका के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक समीकरणों को बेहद रोचक बना दिया है. नगर पालिका में कुल 20 पार्षद हैं और बहुमत के लिए 11 सदस्यों का समर्थन जरूरी है. चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा को 10 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 4 सीटें आई हैं. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को 3 सीटें मिली हैं और 3 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं. ऐसी स्थिति में किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है. बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है.
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