राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद गांवों में सरपंच पद के दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं. ऐसे में चुनाव लड़ने से पहले यह जानना जरूरी है कि कौन सा व्यक्ति सरपंच का चुनाव लड़ सकता है और किन परिस्थितियों में नामांकन खारिज हो सकता है. सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए. वहीं उसका नाम संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज होना जरूरी है. हालांकि सरपंच पद के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है.
घर में शौचालय की शर्त
सरपंच चुनाव में शौचालय से जुड़ा नियम भी महत्वपूर्ण है. उम्मीदवार के घर में कार्यशील सैनिटरी टॉयलेट होना चाहिए. इसके साथ परिवार के किसी सदस्य के खुले में शौच करने की स्थिति भी कानून में अयोग्यता से जुड़ी है. इसलिए सिर्फ शौचालय बना होना ही पर्याप्त नहीं उसका इस्तेमाल योग्य और कार्यशील होना जरूरी है.
दो से ज्यादा बच्चे हैं तो चुनाव लड़ सकेंगे
दो से अधिक संतान को लेकर भी अब स्थिति बदल गई है. 2026 में पंचायती राज कानून में किए गए बदलाव के बाद, दो से अधिक संतान होने के आधार पर पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य करने वाला प्रावधान हटा दिया गया है. यानी तीन या उससे अधिक बच्चे होने के कारण अब किसी व्यक्ति का सरपंच चुनाव लड़ना अपने आप नहीं रुकता.

आरक्षित सीट पर अलग पात्रता
अगर किसी ग्राम पंचायत का सरपंच पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या महिला के लिए आरक्षित है तो उम्मीदवार को संबंधित आरक्षण की पात्रता पूरी करनी होगी. महिला के लिए आरक्षित सीट पर पुरुष उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकता.
हालांकि नामांकन दाखिल करने से पहले बकाया भुगतान करने पर संबंधित प्रावधान में राहत दी गई है. वहीं नैतिक अधमता से जुड़े कदाचार के कारण राज्य सरकार की नौकरी से बर्खास्त व्यक्ति, यदि उसे सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित किया गया है, तो चुनाव नहीं लड़ सकता.
इसलिए नामांकन से पहले उम्मीदवार को अपनी उम्र, मतदाता सूची में नाम, सीट की आरक्षण स्थिति, शौचालय की स्थिति और कानून में निर्धारित अयोग्यताओं की जांच कर लेना जरूरी है.
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