राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की स्थिति साफ होने लगी है. स्वायत शासन विभाग की ओर से शहरी निकायों के प्रमुख के लिए लॉटरी निकाल दी गई है. प्रदेश में कुल 309 शहरी निकाय हैं. इनमें से 10 नगर निगम में मेयर, 51 नगर परिषद के सभापति और 248 नगर पालिकाओं के चेयरमैन के पदों पर आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है. इस दौरान सभी पार्टियों के प्रतिनिधि सभागार में मौजूद रहे. सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों के समक्ष लॉटरी निकाली गई. शासन सचिव रवि जैन ने लॉटरी निकालने की प्रक्रिया की अध्यक्षता की.
6 नगर निगम महिलाओं के लिए आरक्षित
प्रदेश में कुल 10 नगर निगम है. इनमें से 6 इस बार महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं. अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, अलवर और भरतपुर नगर निगम का मेयर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है. कोटा नगर निगम मेयर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है. इसके साथ ही प्रदेश में नगरी निकायों के प्रमुख पद पर आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है.
बड़े नेताओं के यहां कौन सी सीट
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की नगर पालिका लक्ष्मणगढ़ का अध्यक्ष पद अनारक्षित है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नगर पालिका झालरापाटन भी सामान्य के लिए ही है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का प्रभाव क्षेत्र जोधपुर नगर निगम मेयर पद अनारक्षित है तो वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के संसदीय क्षेत्र कोटा का नगर निगम ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है.
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अजमेर नगर निगम मेयर की सीट सामान्य महिला, हनुमान बेनीवाल के लोकसभा क्षेत्र में आने वाला नगर परिषद नागौर के सभापति की सीट ओबीसी के लिए और सचिन पायलट का विधानसभा क्षेत्र का टोंक नगर परिषद सभापति पद अनारक्षित रहा है.
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