राजस्थान कनिष्ठ अभियंता (JEN) भर्ती परीक्षा 2020 पेपर लीक मामले में एसओजी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. एसओजी ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने JEN भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों से परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने के लिए 14 लाख रुपये सीधे तौर पर लिए थे. फिहाल एसीओजी की टीम ने परीक्षा से पहले लीक पेपर उपलब्ध कराने वाले को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है.
21 सितंबर 2021 को हुई थी परीक्षा
जेईएन भर्ती की यह परीक्षा 12 सितंबर 2021 को आयोजित हुई थी. पेपर लीक प्रकरण की जांच के दौरान जनवरी 2026 में मामला दर्ज किया गया था. SOG के ADG विशाल बंसल ने बताया कि पेपर लीक गिरोह के सदस्य एमएम सिंह यादव, निवासी बानसूर, को पूर्व में भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है.
पुलिस के मुताबिक वह पूर्व में कई भर्ती परीक्षाओं में गिरफ्तार हो चुका है और जयपुर में विभिन्न शराब गोदामों का लोडिंग-अनलोडिंग का ठेका भी लेता था. जांच में एमएम सिंह यादव की पहचान अभिषेक खंडेलवाल से होने की बात सामने आई.
लीक पेपर के बदले लिए 14 लाख रुपये
अभिषेक का छोटा भाई भी एमएम सिंह यादव के शराब गोदाम पर मैनेजर के रूप में काम करता था. आरोप है कि अभिषेक खंडेलवाल ने अभ्यर्थियों से परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने के बदले करीब 14 लाख रुपये सीधे लिए थे. पुलिस के अनुसार एमएम सिंह यादव ने परीक्षा से पहले कई अभ्यर्थियों को जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में बुलाया था.
अभिषेक खंडेलवाल ने उसके लिए राजीव विहार कॉलोनी में किराये पर मकान भी उपलब्ध कराया था. मामले में एएसजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की टीम ने कार्रवाई करते हुए अभिषेक खंडेलवाल को 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया. आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है. SOG अब पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
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