- जयपुर में हेड कांस्टेबल पर दोस्तों को फंसाने का आरोप
- दोस्तों संग पार्टी करता था पुलिसकर्मी, फिर उन्हीं पर दर्ज कराया आर्म्स एक्ट केस
- CST हेड कांस्टेबल गिरफ्तार, फोटो-वीडियो ने खोल दी पूरी पोल
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. आरोप है कि जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम स्पेशल टीम (CST) में तैनात हेड कांस्टेबल रोहिताश ने पैसों के विवाद के बाद अपने ही दोस्तों को अवैध हथियार के मामले में फंसाने की साजिश रची. मामला तब पलट गया जब आरोपियों में शामिल एक व्यक्ति ने पुलिस के सामने ऐसे फोटो और वीडियो पेश कर दिए, जिनमें वह और उसके साथी हेड कांस्टेबल के साथ पार्टी करते और मेलजोल रखते दिखाई दिए.
दोस्ती, पार्टियां और फिर विवाद
NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार हेड कांस्टेबल रोहिताश की करीब दो साल पहले प्रॉपर्टी कारोबारी अभिषेक, मनीष मीणा और अन्य लोगों से दोस्ती हुई थी. सभी लोग अक्सर साथ बैठते, पार्टियों में शामिल होते और एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे.

अभिषेक, मनीष और फुरकान
Photo Credit: अल्टर्ड बाय NDTV
जयपुर में CST के हेड कॉन्स्टेबल की संदिग्ध भूमिका सामने आई, आर्म्स एक्ट मामले में हेड कॉन्स्टेबल रोहिताश गिरफ्तार #Jaipur | #Rajasthan | #Breaking https://t.co/nqlDpw8a2d
— NDTV Rajasthan (@NDTV_Rajasthan) October 27, 2026
पुलिस के अनुसार रोहिताश शास्त्री नगर थाने परिसर स्थित पुलिस क्वार्टर में रहता था, जबकि अभिषेक, मनीष और फुरकान भी शास्त्री नगर क्षेत्र के निवासी हैं. इसी दौरान इनके बीच घनिष्ठ संबंध बने. कमिश्नरेट की क्राइम स्पेशल टीम (CST) में तैनात हेड कांस्टेबल रोहिताश को प्रॉपर्टी कारोबारी अभिषेक, मनीष मीणा और फुरकान के साथ गिरफ्तार किया गया है.
हथियारों के लेन-देन की जांच
करण शर्मा के अनुसार रोहिताश ने कथित तौर पर अभिषेक और मनीष से दो पिस्टल हासिल की थीं और उसके बाद शास्त्री नगर पुलिस को उनकी सूचना दी. अभिषेक और अन्य लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि रोहिताश ने उनसे पैसे और सोने की चेन भी ली थीं.
पैसों का विवाद बना वजह; मृदुल को भी फंसाने का आरोप
पुलिस के अनुसार विवाद की शुरुआत तब हुई जब रोहिताश ने अपने दोस्तों से पैसे मांगे, लेकिन वे रकम नहीं दे सका. इसके बाद उसने कथित तौर पर उन्हें सबक सिखाने का फैसला किया. जांच में यह भी सामने आया कि रोहिताश ने मृदुल सोनी को भी इस मामले में फंसाया था. मंगलवार को जब मामला दर्ज किया जा रहा था, तब मृदुल का परिवार पुलिस के पास पहुंचा. पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मृदुल की कोई भूमिका सामने नहीं आई और उसे झूठा फंसाया गया प्रतीत होता है. बताया जा रहा है कि सोमवार रात रोहिताश ने अभिषेक और मनीष को बुलाया और फुरकान से अपने घर से हथियार मंगवाया. इसके बाद उसने शास्त्री नगर पुलिस से संपर्क कर दावा किया कि उसने अभिषेक, मनीष और मृदुल सोनी को अवैध हथियारों के साथ पकड़ लिया है.
फोटो और वीडियो ने खोली पोल
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब आरोपियों में शामिल अभिषेक ने पुलिस के सामने कई फोटो और वीडियो पेश किए. इनमें रोहिताश और आरोपी एक साथ पार्टी करते और समय बिताते दिखाई दे रहे थे. इन सबूतों के सामने आने के बाद जांच अधिकारियों को रोहिताश की कहानी पर संदेह हुआ और उसकी भूमिका की गहन जांच शुरू की गई.
चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने हेड कांस्टेबल रोहिताश (47) निवासी झाड़ली, सीकर को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा फुरकान (28), अभिषेक (31) और मनीष (34) को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं और लोग भी इस कथित साजिश में शामिल तो नहीं थे.
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