राजस्थान में मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है. इसकी वजह से जगह-जगह जल भराव की स्थितियां पैदा हो रही है. वहीं अब भूस्खलन के मामले भी सामने आ रहे हैं. गुरुवार सुबह डीडवाना- कुचामन जिले के मकराना में बड़ा हादसा हो गया. मकराना के कालानाडा खनन रेंज में जाखली रोड पर आज सुबह हुई बरसात के बाद एक दर्जन मार्बल खदानें ढह गई. खदानों के साथ ही सड़क का बड़ा हिस्सा भी धंसकर खानों में समा गया, जिससे सड़क मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया. गनीमत रही कि हादसे के समय यह खदानें बंद पड़ी थी और उनमें खनन कार्य बंद पड़ा था, वहीं सड़क से भी कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, जिससे किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई.
आसपास के लोगों की आवाजाही रोकी
खानों के ढहने की घटना वीडियो में भी कैद हो गई, जब खानों के पास खड़े कुछ मजदूरों ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. घटना की सूचना मिलते ही मकराना सीओ विक्की नागपाल व मकराना थानाधिकारी पंकज कुमार मय पुलिस मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के मध्य नजर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया. आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई है. खदानों के ढहने से इन खानों के लाइसेंस धारकों को बड़ा नुकसान पहुंचा है.
मलबे में समा गए करोड़ों के मार्बल
खानों पर लगी क्रेन और अन्य मशीनरी मलबे सहित खानों में समा गई. वहीं करोड़ों रुपए का मार्बल पत्थर भी मलबे में समा गया, जिससे खान मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है. खान धारक दाऊद ख्वाजा मोहम्मद राठौड़, मोहम्मद यूसुफ, हसीना, फतेह मोहम्मद, गुलाम खत्री, मुजफ्फर आलम, अबरार अहमद ने बताया कि सुरक्षा कारणों से पहले से ही खनन कार्य बंद था और अब खानें ढहने से खनन कार्य पूरी तरह से बंद हो चुका है, जिससे उनका व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है.
आसपास की कई खानों की माइनिंग बंद करने के निर्देश
दूसरी ओर खानों में बड़ी मात्रा में मलबा ढहने से अब इन खानों में माइनिंग भी बंद हो गई है. जानकारी के मुताबिक इन खानों से इतना अधिक मलबा भर गया है, जिसे निकालने में ही एक से दो साल तक का वक्त लग सकता है. तब तक इन खानों में किसी प्रकार का कोई खनन कार्य नहीं हो सकेगा.
खानों के ढहने के बाद खनिज विभाग और पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है और उसने इन खानों के साथ ही आसपास की कई खानों की माइनिंग बंद करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बरसात के दिनों में ऐसी घटनाओ की पुनरावृत्ति ना हो सके.
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में करीब दो वर्ष पहले भी कई खदानें ढह गई थी, जिससे भी सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था. उस समय भी सुरक्षा कारणों से रास्ते को बंद करना पड़ा था. हालांकि बाद में अस्थायी तौर पर छोटे वाहनों के लिए फिर से आवागमन के लिए खोल दिया गया था. अब एक बार फिर बड़े पैमाने पर खदानें ढहने से सड़क पूरी तरह खत्म हो गया है.
पुलिस प्रशासन ने खदानों में ढही सड़क पर भी यातायात बंद कर दिया है और जाखली वह माता पर जाने वाले वाहनों को डाइवर्ट करके निकाला जा रहा है. सड़क मार्ग बंद होने से जाखली, माताभर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को अब चावंडिया होते हुए गुजारा जा रहा है. (डीडवाना से ज़हीर अब्बास उस्मानी की रिपोर्ट)
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