- झुंझुनूं जिले के गांव चक-जोधपुरा की सुनीता कुमारी भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर पद पर तैनात हैं
- सुनीता ने जेईसीआरसी जयपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर बेंगलुरु की कंपनी में दो साल नौकरी की थी
- देशसेवा के जुनून के चलते उन्होंने नौसेना में शामिल होने के लिए दो बार प्रयास कर सफलता प्राप्त की
Success Story: राजस्थान के एक छोटे से गांव की बेटी सुनीता कुमारी ने सफलता की एक ऐसी ऊंची उड़ान भरी है, जिस पर न केवल उनके पूरे गांव को गर्व है, बल्कि उनकी यह कहानी आसपास के कई गांवों की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन चुकी है. भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर के पद पर तैनात सुनीता कुमारी मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी उपखंड के जोधपुरा क्षेत्र स्थित गांव चक-जोधपुरा की ढाणी नोनाला की रहने वाली हैं.
कॉर्पोरेट जॉब छोड़ देशसेवा का चुना रास्ता
सुनीता कुमारी ने जेईसीआरसी इंजीनियरिंग कॉलेज, जयपुर से इंजीनियरिंग में स्नातक किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित कंपनी में लगभग दो साल तक नौकरी भी की. हालांकि, उनके दिल में देशसेवा का जुनून था, जो उन्हें भारतीय नौसेना की ओर खींच लाया. काफी मेहनत के बाद अपने दूसरे प्रयास में उन्हें सफलता मिली. सब-लेफ्टिनेंट के पद पर नेवी जॉइन करने के बाद उन्हें दो बार पदोन्नति भी मिल चुकी है. सुनीता के पिता हजारी लाल सैनी भी भारतीय नौसेना से ही सेवानिवृत्त अधिकारी हैं.

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कोच्चि में लॉजिस्टिक्स ऑफिसर के पद पर तैनात
एनडीटीवी से खास बातचीत में हजारी लाल सैनी ने अपनी बेटी की सफलता का पूरा सफर साझा किया. उन्होंने बताया कि पिछले साल लेफ्टिनेंट कमांडर बनने के बाद सुनीता को नेवल एयर बेस गरुड़, कोच्चि (केरलम) में तैनाती मिली है, जहां वह वर्तमान में लॉजिस्टिक्स ऑफिसर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं. जनवरी 2026 में सुनीता की शादी जयपुर निवासी हर्ष सैनी से हुई. हर्ष सैनी भी भारतीय नौसेना में ही लेफ्टिनेंट कमांडर के पद पर कार्यरत हैं.

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पिता बोले: बेटी ने मेरे ही नक्शेकदम पर चलकर बढ़ाया मान
भारतीय नौसेना में मुंबई से 'मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर' के पद से सेवानिवृत्त हुए हजारी लाल सैनी कहते हैं कि "मेरे लिए इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है कि बेटी ने कॉर्पोरेट सेक्टर की अच्छी-भली नौकरी छोड़कर मेरे ही नक्शेकदम पर भारतीय नौसेना को चुना." सुनीता ने भारतीय नौसेना में जाने के लिए दो बार प्रयास किया था. वे 30 अगस्त 2020 को सब-लेफ्टिनेंट बनीं और भारतीय नौसेना अकादमी (एझिमाला, केरल) से 26 जनवरी 2021 को पास आउट होकर कमीशन प्राप्त किया.
गांव लौटने पर हुआ ऐतिहासिक स्वागत
सुनीता कुमारी पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी हमेशा आगे रही हैं. उन्होंने बास्केटबॉल और क्रिकेट में जूनियर स्टेट लेवल तक प्रतिनिधित्व किया है. भारतीय नौसेना जॉइन करने के बाद जब वे 14 नवंबर 2021 को पहली बार अपने गांव आई थीं, तब पूरे गांव में जश्न का माहौल था. उनके सम्मान में उन्हें घोड़ी पर बैठाकर गांव में 5 किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया था. जुलूस में ग्रामीण जमकर नाचे भी थे. सुनीता की माता का नाम कमला देवी है, और परिवार में उनकी एक बहन तथा एक भाई भी हैं.
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