राजस्थान के हाई कोर्ट की सुरक्षा में कथित तौर पर एक चूक की घटना हुई है. ऐसा बताया जा रहा है कि इसमें हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की गई और पांच मुकदमों की फाइलें ही हटा दी गईं. इसकी वजह से इन मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी. ये मामले राजस्थान पुलिस की एसओजी (SOG) के थे. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और घटना की तह में जाकर दोषी का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
सुनवाई से 5 दिन पहले छेड़छाड़
राजस्थान पुलिस ने बृहस्पतिवार, 13 अगस्त को जोधपुर हाई कोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की घटना की जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसोजी) की ओर से दर्ज प्राथमिकी से जुड़े 5 मामलों को कोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से हटा दिया गया. इसके लिए एक कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल किया गया. इसकी वजह से ये मामले सूची से बाहर हो गए और 5 अगस्त को होने वाली सुनवाई रोकनी पड़ी. पुलिस के अनुसार कथित छेड़छाड़ की घटना सुनवाई के 5 दिन पहले 31 जुलाई को हुई थी.
अदालतों में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन केस की स्थिति की जानकारी, लाइव डिस्प्ले बोर्ड, ई-फाइलिंग सुविधा, डिजिटल वाद सूची और कुछ मामलों (जैसे जमानत याचिकाओं) की कागज रहित न्यायिक कार्यवाही संचालित की जाती है.
अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
घटना की पुष्टि होने के बाद इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) देवेंद्र सिंह भाटी की शिकायत पर 12 अगस्त को कुड़ी भगतासनी थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, चोरी और साइबर अपराध सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. थाना प्रभारी सोमकरण ने कहा, "हमने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है."
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